महिलाएं हों, लड़कियां, बच्चे या बुजुर्ग, अगर घर में अकेले रहते हैं तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें। वरना इस महिला की तरह पछताएंगे। मामला चंडीगढ़ का है। सेक्टर-37 के मकान नंबर-3562 में घुसकर बुधवार को दिनदहाड़े एक महिला और पगड़ीधारी व्यक्ति ने 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला कमलेश ग्रोवर से सोने की बालियां और चेन लूट ली।
दोनों लुटेरों ने योजनाबद्ध तरीके से पहले मकान की रेकी की और फिर कमलेश के घर में अकेला होने की भनक पर कमरा किराए पर लेने के बहाने घर में घुसे। करीब 40 वर्षीय अज्ञात महिला और करीब 45 वर्षीय पगड़ीधारी लुटेरा कमलेश को किराए पर कमरा देखने का झांसा देकर पहले पहली मंजिल और फिर दूसरी मंजिल पर ले गए।
लुटेरों ने कमलेश को दूसरी मंजिल के कमरे के बिस्तर पर गिरा दिया और उनसे बालियां और चेन लूटने लगे तो उन्होंने शोर मचाया। शोर मचाने पर लुटेरे ने महिला साथी से बुजुर्ग कमलेश को रस्सी से बांधने को कहा और फिर उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। दोनों लुटेरों से जूझते हुए बुजुर्ग कमलेश के मुंह व नाक पर चोटें लगीं और खून निकलने लगा।
इसके बाद लुटेरों ने कमलेश को शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दे डाली, जिस पर वह डरकर चुप हो गईं। इसके बाद लुटेरे उनसे सोने की बालियां और गले से चेन निकालकर मकान से नीचे उतरकर बाइक से फरार हो गए।
टू लेट का बोर्ड लगा देख घर में घुसे
बैग चोरी
पीड़ित बुजुर्ग कमलेश ने बताया कि महिला और उसका साथी उनके घर की पहली मंजिल पर लगे टू लेट का बोर्ड देखकर कमरा किराए पर लेने आए थे। कमलेश ने बताया कि उन्होंने दोनों को कमरा किराए पर नहीं देने की बात कहकर लौटा दिया लेकिन कुछ देर बाद दोनों फिर आए और उनसे कमरा दिखाने को कहा। इससे पहले उन्होंने घर की पूरी रेकी कर ली थी। उनके मकसद से बेखबर कमलेश उन्हें मकान दिखाने चल पड़ीं।
एसएसपी यूटी और एसपी क्राइम ब्रांच खाली हाथ
शहर अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है और दिनोंदिन अपराध का ग्राफ इतना बढ़ चला है कि लोग अपने घरों में भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले और अपराधियों को घुटने पर लाने के लिए विशेष रूप से गठित क्राइम ब्रांच के एसपी रवि कुमार की पुलिस टीम लुटेरों का कोई सुराग नहीं तलाश सकी है। एसएसपी यूटी के अधिकार क्षेत्र में क्राइम ब्रांच यूनिट नहीं है और एसपी रवि कुमार का अधिकार क्षेत्र पुलिस थानों के अलावा विशेष यूनिट्स क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल सहित अन्य विंग तक सीमित है। अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित नहीं होने का भुगतान शहरवासियों को करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने कहा अब तो किराएदार रखने से भी लगने लगा डर
वारदात के बाद गली की सभी महिलाएं कमलेश के घर उनके पति व बेटी से मिलीं। वारदात से वे सभी डरी दिखीं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ अब रहने लायक नहीं रह गया है। डरी-सहमी पड़ोसी महिलाओं ने कहा कि दिन हो या रात, हर पल जान का खतरा बना रहता है। कहा कि अब तो किराएदार रखने में भी डर लगने लगा है।
यह रखें सावधानियां
प्रतीकात्मक तस्वीर
1. लुटेरे टू लेट का बोर्ड लगा देख घरों में घुस रहे हैं। ऐसे में अकेले होने पर किसी को घर में प्रवेश नहीं करने दें।
2. बुजुर्गों और युवतियों को घर पर अकेला नहीं छोड़ें।
3. गली में कोई बार-बार चक्कर लगा रहा हो तो सतर्क हो जाएं।
4. किसी अंजान के खटखटाने पर दरवाजा नहीं खोलें।
5. किसी भी अनहोनी के अंदेशे पर पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर-100 पर सूचना दें।
6. कहीं बाहर घूमने जाने पर सोशल साइट्स पर पूरे परिवार की तस्वीरें पोस्ट करने से बचें।
7. घर खाली होने पर पड़ोस में रहने वाले परिवारों से भी नजर रखने को कहें।
8. प्रवेश द्वार और आंगन की तरफ सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।
9. बीट के पुलिसकर्मियों को इलाके में गश्त को कहें, ऐसा नहीं होने पर डीएसपी व एसएसपी से शिकायत करें।
10. अंजान महिलाओं पर भरोसा करने से बचें।