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पाक जेल में कैद पति के लिए महिला पहुंची हाईकोर्ट, बोली- शहीद नहीं, जिंदा हैं वो

Thu, 17 Aug 2017 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट
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1971 की जंग में शहीद करार दिए गए सैनिक की पत्नी ने पति की वतन वापसी के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है और एक याचिका दायर करके मदद मांगी। याचिका में दावा किया गया है कि उसका पति जिंदा है और पाकिस्तान की जेल में बंद है।
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इस याचिका पर केंद्र ने कहा है कि पाकिस्तान भारतीय हाईकमीशन के पत्रों का जवाब नहीं दे रहा है। जो सूची मौजूद है, उसके अनुसार पाकिस्तान की जेल में याची केपति मौजूद नहीं हैं। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि जाधव मामले की तरह उसका मामला भी इंटरनेशनल कोर्ट लेकर जाया जाए ताकि वह पति से मिल सके।

याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उन्हें कुछ समय दिया जाए। लहरा धुधकोट जिला बठिंडा के सैनिक की 78 वर्षीय पत्नी पाल कौर ने वकील हरी चंद अरोड़ा के माध्यम से कहा कि याचिकाकर्ता का पति इस समय पाक जेल में बंद हैं। केंद्र सरकार उसकी रिहाई के लिए शिमला समझौते के तहत इंटरनेशनल कोर्ट में केस दायर करे।
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बांग्लादेश के बार्डर पर पाक सैनिकों ने पकड़ लिया था

pakistan jail prisoner - फोटो : demo photo
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसके पति को भारत-पाक के 1971 की वार में बांग्लादेश के बार्डर पर पाक सैनिकों ने पकड़ लिया था। उसके बाद उसे पाक जेल में बंद कर दिया गया। भारतीय सेना व केंद्र सरकार ने 5 दिसंबर 1971 जिस दिन से दिन वह गुम हो गए थे, उन्हें शहीद मान लिया।

इस बाबत तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उसको पत्र लिखकर शोक भी प्रकट किया था। याचिकाकर्ता के अनुसार भारतीय सेना के एक सैनिक सतीश कुमार जो पाक की जेल में बंद रहे थे, ने उसको बताया था कि वह उसके पति धर्मपाल के साथ 19 जुलाई 1974 से 1976 तक जेल में एक साथ रहे थे।

बाद में उसे अन्य जेल में भेज दिया गया। इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि वह इस मामले को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट में याचिका दायर करे जैसे कि कुलभूषण जाधव के मामले में दायर की गई है।
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