सेक्टर-37 स्थित स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल की बस में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी प्राइवेट स्कूलों को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
यूटी प्रशासन की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का हवाला देते हुए सभी प्राइवेट और एडिड स्कूलों को 1 जुलाई 2015 से स्कूल बसों में नए सुरक्षा उपाय लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यूटी प्रशासन ने सभी नई खरीदी जाने वाली बसों में हाइड्रोलिक दरवाजे और लेडी अटेंडेंट को अनिवार्य कर दिया है।
यूटी प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सभी प्राइवेट स्कूलों को कोर्ट के आदेशों को पूरी तरह लागू करना होगा। गौरतलब है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइसिटी के सभी स्कूलों की बसों में जीपीएस, सीटीटीवी कैमरे और लेडी अटेंडेंट रखने के लिए आदेश दिए थे।
स्कूल बस ऑपरेटर एसो. ने दी धमकी
शहर के सभी प्राइवेट, एडिड और सरकारी स्कूलों में सर्विस देने वाले चंडीगढ़ स्कूल बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने जीपीएस, सीसीटीवी और लेडी अटेंडेंट की नियुक्ति के लिए 30 सितंबर तक का समय मांगा है, लेकिन यूटी शिक्षा सचिव ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए नई व्यवस्था 1 जुलाई से ही लागू करने के निर्देश दिए हैं।
उधर, एसोसिएशन प्रेसिडेंट मनजीत सिंह ने कहा कि अगर यूटी प्रशासन की ओर से नई व्यवस्था लागू करने के लिए समय नहीं दिया गया तो ट्राइसिटी की स्कूल बसों की सुविधा को हटाना पड़ेगा। इस फैसले से समर ब्रेक के बाद 1 जुलाई से बस में जाने वाले स्टूडेंट्स को खासी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
कई स्कूलों में फॉलो हुए नए नियम
गुरु हरिकृष्ण मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-38 की प्रिंसिपल हरप्रीत कौर ने कहा कि स्कूल प्रंबधन की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। स्कूल की बसों में जीपीएस पहले से था। अभी सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं और लेडी अटेंडेंट भी रख ली गई हैं।
प्रिंसिपलों की जुबानी
एसडी पब्लिक स्कूल 32 की प्रिंसिपल मोनिका ने बताया कि बसों में सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस लगा गया है। लेडी अटेंडट रखने की प्रक्रिया जारी है।