चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी शोधार्थियों के लिए 15 अक्तूबर से प्रयोगशालाएं खुल जाएंगी। इनके लिए छात्रावास खोलने पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। फिलहाल तीन साल से अधिक समय के लिए नामांकित शोधार्थियों के लिए प्रयोगशालाएं खोलने की तैयारी है। परास्नातक विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में आने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि इस पर अंतिम मुहर मंगलवार को लगेगी।
पीयू में तीन हजार के करीब रिसर्च स्कॉलर्स है। कोरोना के देखते हुए शोधार्थियों के अभिभावकों की अनुमति के बाद ही उनको प्रयोगशालाओं में आने दिया जाएगा। इसके अलावा पीयू पीएचडी के शोधार्थियों में भी पहले विज्ञान संकाय से शुरुआत करेगी। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से अन्य संकाय के रिसर्च स्कॉलर्स को अनुमति दी जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र की अनलॉक- 5 दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थानों को पीएचडी स्कॉलर्स और परास्नातक छात्रों को प्रयोगशालाओं में लौटने की अनुमति देने का विकल्प दिया गया है। पीयू प्रयोगशालाओं को खोलने के लिए अलग एसओपी तैयार करने में लगा है। इसके लिए समिति का गठन भी किया है। अधिकारी शोधार्थियों के साथ बैठक के बाद ही नए दिशानिर्देशों के साथ अंतिम फैसला देंगे ।
शोधार्थी लाइब्रेरी और छात्रावास खोलने की मांग पर अड़े
पंजाब यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन पिछले कई दिनों से लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। एसोसिएशन के सदस्य और पीयू पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के रिसर्च स्कॉलर संदीप ने बताया कि केंद्र सरकार ने भी अनलॉक दिशानिर्देशों में रिसर्च स्कॉलर्स को यूनिवर्सिटी में बुलाने के लिए कहा है। लेकिन पीयू कोई एकतरफा फैसला लेने में नाकाम रहा है। अभी भी पहले विज्ञान के स्कॉलर को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं हमारी मांग है कि लाइब्रेरी और छात्रावास की व्यवस्था भी दी जाए। बिना लाइब्रेरी के कैसे काम करेंगे।
पीयू के चार हॉस्टल बने हैं कोविड केअर सेंटर
पंजाब यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कॉलर्स के प्रदर्शन के बाद प्रयोगशाला खुल रही हैं। अभी पीयू ने छात्रावास खाली करवा रखे हैं। महिला छात्रावास नंबर- 8, 9 , 10 और अंतरराष्ट्रीय छात्रावास को चंडीगढ़ प्रशासन ने कोविड केअर सेंटर बनाया हुआ है। ऐसे में पीयू शोधार्थियों बुलाकर उनके लिए रहने की व्यवस्था कहां करेगा, इस पर विचार विमर्श चल रहा है।