राफेल डील पर भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के बीच जंग छिड़ गई है। भाजपा ने राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद देश भर में प्रेस कांफ्रेंस करने की योजना बनाई थी। उसके जवाब में कांग्रेस ने भी अपने प्रवक्ता उतार दिए हैं। कुमारी सैलजा ने कांग्रेस चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में राफेल डील को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला।
एक दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इसी मुद्दे पर चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस की थी। सैलजा ने कहा कि सरकार राफेल डील पर अब तक लोगों से झूठ बोलती आई है। अब सुप्रीम कोर्ट के सामने भी उसने झूठ बोला है। कांग्रेस ने हमेशा से कहा है कि राफेल केस में भ्रष्टाचार, कीमत, स्पेसिफिकेशन, क्रोनी कैपिटलिज्म जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए सुप्रीम कोर्ट सही फोरम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट सभी फाइल नोटिंग नहीं देख सकता, प्रधानमंत्री या अन्य गवाहों से पूछताछ नहीं कर सकता। लेकिन ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी कर सकती है।
यही वजह थी कि कांग्रेस कभी सुप्रीम कोर्ट नहीं गई, जेपीसी की मांग की। अगर भाजपा के पास छिपाने को कुछ नहीं है, तो जेपीसी क्यों नहीं करवाती। सैलजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐसा इसलिए आया क्योंकि सरकार ने गलत तथ्य रखे। फैसले में कहा है कि पब्लिक अकाउंट्स कमेटी ने कैग की रिपोर्ट देखी है। यह तथ्य सरकार ने गलत रखा है, जिसमें सुधार के लिए सरकार ने कोर्ट में अपील भी की है। राज्यसभा सांसद सैलजा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने रक्षा खरीद प्रक्रिया, सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी और डिफेंस एक्विजीशन काउंसिल को बाईपास किया है।