हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि मैंने हमेशा ईमानदारी व जनहित के लिए संघर्ष की राजनीति की।
न तो किसी के दबाव में झुका और न ही किसी के हाथों बिका। इसके बावजूद लोकसभा चुनाव में हिसार व सिरसा लोकसभा क्षेत्र में हमें लोगों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया। इस कारण व्यथित होकर मैं हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) के अध्यक्ष पद से त्याग-पत्र दे रहा हूं।
उधर, आदमपुर से विधायक रेणुका बिश्नोई ने जारी बयान में कहा कि कुलदीप बिश्नोई ने जनहित के लिए ईमानदारी से संघर्ष किया है। उन्होंने लोगों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। कभी अपने सीने पर लाठियां खाईं तो कभी वे ट्रैक्टर और रथ यात्रा करके लोगों के सुख-दुख के भागीदार बने।
यहां तक कि जनता के हितों के लिए कुलदीप बिश्नोई ने उपमुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री जैसे ओहदे को भी ठुकरा दिए। ईमानदारी से जनहितों के लिए संघर्ष करने वाले का साथ देने के बजाय जनता ने चुनाव में भ्रष्ट लोगों का साथ दिया।
ऐसे में ईमानदारी से संघर्ष की राजनीति करने का कोई मायने नहीं रह जाता, इसलिए मैं हरियाणा विधानसभा की सदस्यता से त्याग-पत्र देती हूं।