प्रदेश में भाजपा-हजकां के गठबंधन रहने या टूटने की खबर का इंतजार सभी को है। इधर गठबंधन के अस्तित्व को लेकर दोनों पार्टियों में तल्खियां बढ़ गई हैं।
भाजपा जहां पुरानी शर्तों पर गठबंधन आगे नहीं बढ़ाने पर अड़ी है, वहीं हजकां ने गठबंधन को कायम रखने, नहीं रखने की गेंद भाजपा के पाले में डाल दी है।
करनाल में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि वे दिल से चाहते हैं कि गठबंधन रहे, प्रदेश की जनता चाहती है कि गठबंधन रहे। अब भाजपा को तय करना है कि वह गठबंधन बरकरार रखती है या नहीं।
गठबंधन के समझौते से पीछे नहीं हटेंगे
बिश्नोई ने दो टूक कहा कि वे 2011 में हुए गठबंधन के समझौते से एक इंच भी नहीं हटेंगे। अगर वे इस समझौते से फिरे तो यह जनता के साथ धोखा होगा। वे 45-45 सीटें और पहले अढ़ाई साल मुख्यमंत्री बनने की शर्त पर ही वे गठबंधन को रखेंगे।
भाजपा को निर्णय करना है कि वे इन शर्तों पर गठबंधन रखती है या नहीं। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि अभी तक भाजपा से हमारा गठबंधन है। गठबंधन धर्म को हम बखूबी निभा रहे हैं।
हजकां ने बनाया अपना घोषणापत्र
हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई का कहना है कि पार्टी ने विधानसभा को देखते हुए अपना घोषणापत्र तैयार कर लिया है। इंतजार सिर्फ भाजपा की हां या न का है।
जैसे ही गठबंधन का फैसला होगा, घोषणापत्र जारी कर दिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि हजकां ने अपना अलग घोषणापत्र तैयार करके गठबंधन के अस्तित्व पर संशय खड़ा कर दिया है।
कुलदीप को अमित शाह की रैली का न्योता नहीं
अपनी ताजपोशी के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहली बार चुनावी रैली 16 अगस्त को जींद में करने जा रहे हैं। प्रदेश में भाजपा के गठबंधन पार्टनर के मुखिया कुलदीप बिश्नोई को इस रैली का न्योता नहीं दिया गया है।
बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि न तो भाजपा की तरफ से और न ही किसी अन्य नेता की ओर से उन्हें इस रैली के लिए न्योता दिया गया है।
पुरानी शर्तों पर गठबंधन नहीं
भाजपा के प्रवक्ता जगमोहन आनंद ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में हजकां से 45-45 सीटों के बंटवारे में गठबंधन नहीं चल सकता।
हजकां सुप्रीमो को तय करना है कि गठबंधन चले या टूटे। सीटों के बंटवारे की बात बाद में आएगी। उन्हें पहले गठबंधन बचाने की बात करनी चाहिए।