कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या घटाकर सिर्फ 600 कर्मी लगाने का निर्णय लिया है। केयू प्रशासन आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या 1200 मान रहा है।
दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों तथा कर्मचारी नेताओं के अनुसार यह आंकड़ा 1400 है। केयू प्रशासन से नौकरी पर रखने संबंधी साकारात्मक संकेत न मिलने से बिफरे आउटसोर्सिंग कर्मियों ने शुक्रवार को 20वें दिन भी जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पर कर्मियों की अनदेखी तथा सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों का आरोप है सीएम के आदेशों पर रजिस्ट्रार कदम नहीं उठा रहे और उन्हें काम पर रखने के मुद्दे पर कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा रहा।
सर्व कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष संत कुमार ने बताया कि ठेका कर्मचारी संघ के चल रहे आंदोलन को ध्यान में रखते हुए सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव सुभाष लांबा उप महासचिव जीवन सिंह ने राज्य के सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा, मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र सिंह चोपड़ा तथा मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव शादी लाल कपूर के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने पूरी समस्या रखी।
उन्होंने बताया कि सीएम के ओएसडी महेद्र सिंह चोपड़ा के आश्वासन के बाद ठेका कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से मिलकर सभी कर्मचारियों को सेवा में लेने के लिए निवेदन किया।
उसके बाद भी विश्वविद्यालय की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। वहीं दूसरी ओर केयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी का दौर शुक्रवार को भी चलता रहा। कर्मियों ने वापस काम पर लेने और डीसी रेट देने की मांग की।
विभागों में वर्कआउट किया गया : रजिस्ट्रार
रजिस्ट्रार डॉ. केसी रल्हाण ने बताया कि सभी विभागों में वर्कआउट किया गया है और उसी के आधार पर उन्हें 600 कर्मियों की जरूरत है।
क्योंकि 200 को पक्का किया जा चुका है और 100 की सीधी भर्ती हो चुकी है। इसलिए अब केयू में 600 कर्मियों की जरूरत है। नए ठेकेदारों को कहा है कि वे योग्यतानुसार कर्मियों को काम पर रखें।
कर्मियों की संख्या पर भी विवाद
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में लगे आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या पर भी विवाद उठने लगा है। प्रदर्शनकारी कर्मियों व कर्मचारी नेताओं का दावा है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या 1400 के आसपास है।
जबकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन इनकी संख्या केवल 1200 के करीब ही मान रहा है। रजिष्ट्रार डॉ. केसी रल्हाण ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि आउटसोर्सिंग काम के लिए लगाए कर्मियों की संख्या लगभग 1200 थी।
केयू दिखाएगा सैकड़ों कर्मियों को बाहर का रास्ता
केयू 100 कर्मियों की सीधी भर्ती कर चुका है। जबकि 200 कर्मी पक्के कर दिए गए हैं। इस तरह तीन सौ कर्मी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पास पहले ही आ चुके हैं।
अब 1200 में से 600 को काम पर रखने की बात कही जा रही है। इस तरह 300 कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी हो चुकी है।