विज्डम वर्ल्ड स्कूल भारत-जापान संबंधों को बेहतर और मजबूत करने की कवायद में जुटा हुआ है। इस कड़ी में दिल्ली वसंत कुंज में स्थित जैपनीज स्कूल का 24 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कुरुक्षेत्र के विज्डम वर्ल्ड स्कूल का दौरा किया।
इस दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विज्डम स्कूल में चल रही शैक्षिक गतिविधियों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने स्कूल द्वारा बच्चों को दी जा रही सुविधाओं, स्कूल की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करने के साथ-साथ स्कूली शिक्षकों एवं गैर शिक्षक स्टाफ से भी शिक्षा और प्रशासन पर गहन मंथन किया।
विद्यालय प्राचार्या अनिता रावल ने बताया कि विज्डम स्कूल में वर्ष 2011 से कक्षा 4 से 9वीं तक के बच्चों को जापानी भाषा का अध्ययन कराया जा रहा है।
इस स्कूल के बच्चे जापानी सभ्यता और संस्कृति को समझने के लिए जापान जाकर इससे रूबरू भी हो चुके हैं। भारत और जापान जैसे दो प्राचीन देशों की सभ्यता और संस्कृति को मजबूत करने और बच्चों को इनसे अवगत कराने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र के विज्डम स्कूल और दिल्ली के जैपनीज स्कूल के बीच काफी समय प्रयास हो रहा था।
इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र का दौरा कर इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी। जल्द ही दोनों पक्षों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के स्कूल में पढ़ने वाले सभी 350 जापानी बच्चे कुरुक्षेत्र के विज्डम स्कूल में आकर न केवल शिक्षा ग्रहण करेंगे, बल्कि हजारों वर्ष पुरानी महाभारत की इस भूमि के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत होंगे।
इसी प्रकार कुरुक्षेत्र के विज्डम स्कूल के विद्यार्थी भी जैपनीज स्कूल में जाकर वहां की शिक्षा, प्रबंधन, सभ्यता और संस्कृति का अध्ययन करेंगे।
इस अवसर पर जापानी प्रतिनिधि मंडल में जैपनीज स्कूल प्राचार्य माकीशीमा योशीआरू, उपप्राचार्य मसाकी चीवा व अध्यापक काटो, कानो, सोगावा, यासुई, ताहो, मासूडा, मितसुई, योकोनो, मीनू, साकीबारा, होटा, बांदो, मुराकी, इटो, ईहा, कावागुची, बरमी, यमादा, योकोजावा, सकाई के अलावा कुरुक्षेत्र विज्डम स्कूल की उपप्राचार्या संगीत बहल, विनोद रावल सहित तमाम शिक्षक व गैरशिक्षक कर्मचारी मौजूद थे।