चंडीगढ़। कूच बिहार ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल का मुकाबला चंडीगढ़ और विदर्भ के बीच नागपुर स्थित विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के कलामना ग्राउंड में रविवार से शुरू होगा। टूर्नामेंट में अब तक कोई भी मैच नहीं हारी कप्तान सूर्य नारायण यादव की अगुवाई में चंडीगढ़ की टीम ऐलिट ग्रुप ए में पहले स्थान पर बनी हुई है। वहीं विदर्भ की टीम बी ग्रुप में शीर्ष स्थान पर है।
विदर्भ ने अपने आठ मैचों में से पांच मैच जीते हैं, वहीं एक मैच में हार मिली और दो ड्रा रहे। विदर्भ टीम की सबसे मजबूत कड़ी ऑलराउंडर मंदर महाले हैं, जिन्होंने लीग में आठ मैचों की 14 पारियों में सर्वाधिक 488 रन जुटाए हैं। बल्लेबाजी के साथ मंदर महाले गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 28 विकेट चटका चुके हैं। अन्य बल्लेबाज अवेश शेख ने एक शतक और तीन अर्द्धशतक के साथ मैचों की दस पारियों में 481 रन जुटाए हैं। कप्तान अमन मुखाडे ने सात मैचों में एक शतक के साथ 431 रन जबकि मोहम्मद फैज ने आठ मैचों में 404 रन जुटाए हैं। गेंदबाजी में हर्ष दुबे चंडीगढ़ के बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अभी तक आठ मैचों में 42 विकेट चटकाए हैं।
अक्षित और सूर्य को रोकना विदर्भ के लिए चुनौती
चंडीगढ़ की टीम भी काफी मजबूत है। विकेटकीपर कम बल्लेबाज अक्षित राणा (719) और कप्तान सूर्य नारायण यादव (718) टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बटोरने की सूची में पांचवें और छठे पायदान पर हैं। ये दोनों विदर्भ के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। दोनों बल्लेबाजों ने चार-चार शतक भी जड़े हैं। दो अन्य बल्लेबाज प्रथम सिंह और चिरागवीर सिंह ढींडसा 487 और 454 रन के साथ मैच में लंबी अवधि तक बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं।
युवराज, अंगद और अनिरुद्ध मिलकर विदर्भ की राह करेंगे अवरुद्ध
गेंदबाजी में 37 विकेट लेने वाले चंडीगढ़ के सफलतम गेंदबाज युवराज चौधरी विपक्ष के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में तालमेल बिठा रहे राज अंगद बावा भी 32 विकेट के साथ अपनी काबलियत सिद्ध कर चुके हैं। मैच में अनिरुद्ध टंडन को आराम दिया गया है जबकि हरनूर सिंह पन्नू को स्थान दिया गया है।