लोकसभा चुनाव के लिए कोई भी उम्मीदवार किसी धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार नहीं कर पाएगा।
चंडीगढ़ के उपायुक्त और चुनाव अधिकारी मोहम्मद शाईन ने धारा 144 के तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए नियमों और शर्तों को जारी किया है।
उपायुक्त की ओर से जारी आदेश 9 मार्च से 7 मई तक प्रभावी रहेंगे। इन निर्देशों के तहत कोई भी उम्मीदवार मंदिर, चर्च, मस्जिद या कोई और धार्मिक स्थल में चुनाव प्रचार नहीं करेगा।
दिलचस्प बात यह है कि उपायुक्त के इस आदेश के जारी होने से पहले शुक्रवार को चंडीगढ़ से बसपा की उम्मीदवार जन्नत जहां और बसपा के संयोजक हाफिज अनवर उल हक ने शहर के अलग अलग मजिस्दों में जाकर चुनाव प्रचार किया था।
उपायुक्त की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट है कि कोई भी राजनीतिक दल ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगी, जिससे अलग अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़े।
किसी भी राजनीतिक दल की आलोचना सिर्फ उसकी नीतियों और पुराने कामों तक ही सीमित हों। किसी भी उम्मीदवार की निजी जिंदगी की आलोचना नहीं की जानी चाहिए।
राजनीति दलों को मतदाताओं को किसी प्रकार की रिश्वत नहीं देनी होगी। हर राजनीतिक दल को किसी भी बैठक की पूर्व सूचना पुलिस को देनी होगी। लाउडस्पीकर की मंजूरी लेने के लिए समय से आवेदन करना होगा।
60 दिनों के लिए पूरे शहर में धारा 144
चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूरे शहर में 60 दिनों के लिए धारा 144 लगा दी है। यह आदेश 9 मार्च से 7 मई तक प्रभावी होंगे।
हालांकि किसी तरह की रैली से पहले उपायुक्त की मंजूरी लेनी जरूरी होगी। इसके साथ ही 9 मार्च से 7 मई तक चंडीगढ़ में किसी भी तरह के हथियार को भी अपने साथ रखने पर रोक लगाई गई है।