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बिजली महंगी होने के पीछे ये है गणित

Wed, 08 Jan 2014 04:33 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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वास्तविक से कम बिजली की खरीद रेट दिखाने के कारण हरियाणा के लाखों उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) को बोझ पड़ रहा है।
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वास्तविक रेट और दर्शाई गई खरीद रेट के अंतर को भरने के लिए बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज एरियर लगाना पड़ रहा है।

यह दावा हरियाणा की दोनों बिजली वितरण कंपनियों उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों ने किया है।

इनके अनुसार नियामक आयोग के कारण ही उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ रहा है क्योंकि आयोग ही कम रेट तय करता है। वर्तमान में उपभोक्ताओं पर बिजली दरों के अलावा 77 पैसे से 127 पैसे प्रति यूनिट एफएसए का भार पड़ रहा है।

निगमों के चेयरमैन और बिजली निगम के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि इस समय घरेलू उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज एरियर की दर पहले 40 यूनिट तक 77 पैसे, 41 से 250 यूनिट तक 106 पैसे, 251 से 500 यूनिट तक 115 पैसे और 501 से ज्यादा यूनिट पर 127 पैसे प्रति यूनिट है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने 2013-14 के लिए दोनों निगमों की बिजली खरीद लागत 3.36 रुपये प्रति यूनिट तय की थी जबकि वास्तविक खरीद लागत 3.95 रुपये थी।

इसी तरह 2012-13 के लिए खरीद लागत 3.16 रुपये तय की थी मगर वास्तविक लागत 3.70 रुपये प्रति यूनिट आई थी। चूंकि तय दर से ज्यादा महंगी दर पर बिजली खरीदी गई इसलिए उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज एरियर लगाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि आयोग ने बिजली खरीद लागत 3.36 रुपये तय की जबकि उससे पिछले साल वास्तविक खरीद ही 3.70 रुपये थी। यानी पिछले साल की वास्तविक खरीद लागत से 34 पैसे प्रति यूनिट रेट कम तय की।

वर्ष 2012-13 का एफएसए 55 पैसे प्रति यूनिट बनता था मगर निगमों ने 32 पैसे प्रति यूनिट एफएसए वसूला। इसी तरह 2013-14 में एफएसए 60 पैसे बनता है जबकि 34 पैसे प्रति यूनिट ही वसूला जा रहा है।
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इनसेट
दूसरे राज्यों में बिजली खरीद लागत ज्यादा
चेयरमैन देवेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली निगमों ने उन बिजली कंपनियों को महंगी दर पर खरीदी बिजली की राशि का भुगतान कर दिया है मगर यह पूरा एफएसए वसूला नहीं जा रहा है क्योंकि एफएसए वसूलने की अधिकतम सीमा है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में बिजली खरीद लागत हरियाणा से ज्यादा तय की हुई है इसलिए एफएसए नहीं लगाया जाता। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बिजली खरीद दर 3.81 रुपये प्रति यूनिट, गुजरात में 3.64 रुपये प्रति यूनिट, पंजाब में 3.67 रुपये और दिल्ली में 3.92 रुपये प्रति यूनिट है।
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