सरकार ने अपने मंत्रियों और विधायकों की सैलरी को सार्वजनिक कर दिया है, आप भी अब सीएम से लेकर मंत्री और विधायकों तक की सैलरी का पता कर सकते हैं। हरियाणा के भाजपा विधायकों के अपनी संपत्ति सार्वजनिक न करने पर खट्टर सरकार ने मंत्रियों, सीपीएस, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और विधायकों के हर माह के वेतन-भत्तों को सार्वजनिक कर दिया है। नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संपत्ति सार्वजनिक करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अधिकांश मंत्रियों और विधायकों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
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इसे देखते हुए सरकार ने सोमवार को मुख्य सचिव की वेबसाइट पर सबके वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी अपलोड कर दी है। इसे हरियाणा का हर नागरिक देख सकता है। सरकार ने इसके जरिए एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक ओर जहां पारदर्शिता का परिचय दिया गया है, वहीं वेतन-भत्ते बढ़ाने की फिर मांग कर रहे विधायकों को झटका भी लगा है।
पार्टी हाईकमान के निर्देशों के बाद हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने भी मंत्रियों और विधायकों से संपत्ति का ब्योरा मांगा था, लेकिन अभी तक कई मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और डेढ़ दर्जन विधायकों ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है। जबकि, आईएएस और आईपीएस अधिकारी हर साल सरकार को अपनी सपंत्ति का हिसाब दे रहे हैं। उधर, हरियाणा के विधायक और पूर्व विधायक अब भी वेतन और भत्ते बढ़ाने की मांग बुलंद किए हुए हैं।
मुख्यमंत्री का वेतन
वेतन/भत्ते राशि
मूल वेतन 50,000 मासिक
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 60,000 मासिक
विशेष भत्ता 20,000 मासिक
वाहन भत्ता 10,000 मासिक (दो स्टेट कार अलग)
दैनिक भत्ता 60,000 मासिक
कार्यालय भत्ता 2,000 मासिक
फोन भत्ता 15,000 मासिक (घरेलू)
15,000 मासिक (मोबाइल)
एलटीसी 25,000 मासिक (3 लाख वार्षिक)
कुल 2,57000
मंत्रियों का वेतन
वेतन/भत्ते धनराशि
मूल वेतन 50,000 मासिक
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 60,000 मासिक
विशेष भत्ता 15,000 मासिक
वाहन भत्ता 10,000 मासिक (दो स्टेट कार अलग)
दैनिक भत्ता 30,000 मासिक
कार्यालय भत्ता 02,000 मासिक
फोन भत्ता 15,000 मासिक (घरेलू)
15,000 मासिक (मोबाइल)
एलटीसी 25,000 मासिक (3 लाख वार्षिक)
कुल 2,22000
विधायक का वेतन
वेतन/भत्ते धनराशि
मूल वेतन 40,000 मासिक
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 60,000 मासिक
विशेष भत्ता 10,000 मासिक
वाहन भत्ता 18 रूपए प्रति किलोमीटर
दैनिक भत्ता 30,000 मासिक
कार्यालय भत्ता 25,000 मासिक
प्रतिपूरक भत्ता 10,000 मासिक
फोन भत्ता 15,000 मासिक (घरेलू)
कर्मचारी भत्ता 15,000 मासिक
एलटीसी 25,000 मासिक (3 लाख वार्षिक)
कुल 2,30,000