ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए अमेरिकन प्रोजेक्ट में तीन करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करना होगा। वैश्विक मंदी से उबरने के लिए कई देशों द्वारा अपनाए गए इस रास्ते पर अब अमेरिका भी चल पड़ा है।
इसके अंतर्गत भारत, चीन और अन्य देशों के निवेशकों को निवेश के बदले अमेरिकन सिटिजनशिप का आफर दिया जा रहा है। चंडीगढ़ में एनवाईएसए के कार्यकारी निदेशक मार्क हेसेमैन ने होटल माउंटव्यू में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि एनवाईएसए ने एक प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत कोई भी निवेशक अपने परिवार के पात्र सदस्यों के संग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है।
पत्नी और अविवाहित बच्चे जा सकेंगे अमेरिका
मार्क हेसेमैन ने बताया कि जिन प्रोजेक्ट पर विदेशी नागरिकों का निवेश करवाया जाएगा उसमें नौकरियों का सृजन भी होगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में 12000 से ज्यादा विदेशी निवेशकों के माध्यम से ईबी-5 प्रोग्राम के अंतर्गत छह अरब डालर राशि जुटाई गई है। ईबी-5 के अंतर्गत पत्नी और अविवाहित बच्चे अमेरिका जा सकेंगे। इन ग्रीन कार्ड होल्डरों को छूट होगी कि ये कहीं भी अपना व्यापार कर सकेंगे और कहीं भी नौकरी। इसके लिए कोई बाध्यता नहीं होगी।
एक साल में मिलेगा ग्रीन कार्ड
आपके द्वारा लगाए गए तीन करोड़ रुपयों पर एक फीसदी ही रिटर्न मिलेगा। यह राशि पांच साल बाद वापस कर दी जाएगी। लक्षित रोजगार क्षेत्र के लिए पांच लाख डालर और अन्य क्षेत्रों के लिए दस लाख डालर का निवेश आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरेक निवेश से दो साल की अवधि में दस नौकरी का सृजन होगा। अमेरिका ईबी-5 प्रोग्राम के लिए ग्रीन कार्ड एक साल में देगा। यह कार्ड मिलने के बाद ही निवेश करना होगा।