केरल भारत का चुनिंदा ट्रेवल डेस्टीनेशन बन गया हैं। साल 2013 में केरल में 8 लाख 58 हजार टूरिस्ट देश और विदेशों से आए। यह कहना है केरल पर्यटन विभाग के इंफोरमेशन ऑफिसर अनिल का। केरल के टूरिज्म को यहां प्रमोट करने के लिए उन्होंने मंगलवार को सेक्टर-17 के एक होटल में प्रेस कांफ्रेंस भी की।
उन्होंने बताया कि पंजाब के कई पर्यटक केरल में घूमने आते हैं जिस वजह से उन्हें लगा कि यहां के लोगों के इस बारे में और अधिक जानकारी दी जाए। केरल सरकार ने पर्यटकों के लिए दो प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। ये हैं सी प्लेन और मुर्जिस।
प्रोजक्ट सी प्लेन :
इसमें त्रिवेंद्रम से होते हुए कोच्चि और फिर कालीकट तक पर्यटकों को जहाज से ट्रेवल करवाया जाएगा। इस बीच केरल की कई खूबसूरत जगह जैसे की अश्तामुदी, पोनमुदी, कुमारकोम, बोलगेट्टी और बेकल तक स्पेशल सी प्लेन सर्विस दी जाएगी।
इसमें 10 सीट सीटर एक प्लेन अपनी निश्चित दूरी तक पर्यटक को लेकर जाएगा। इसका खर्चा सिर्फ पांच से दस हजार रखा गया है। सी प्लेन हवा और पानी दोनों में ट्रेवल कर सकता है जो यात्रियों को लिए एक खास अनुभव होगा।
प्रोजेक्ट मुर्जिस :
प्रोजेक्ट मुर्जिस में पर्यटकों को केरल की खास जगहों पर घुमाया जाएगा जिसमें केरल के कल्चर को दिखाया जाएगा। साथ ही केरल में मौजूद 25 म्यूजियम की भी सैर कराई जाएगी।
एक हफ्ते का किराया 25 से 30 हजार :
अनिल ने बताया कि केरल में देखने के लिए बहुत कुछ है इसलिए कम से कम सात दिनों का प्लान बना कर चलें। रहने के लिए केरल में बजट से लेकर फाइव स्टार होटल और फ्लोटिंग होम, विला भी मिलते हैं।
अगर कोई केरल घूमने आना चाहता है तो इसका प्रति व्यक्ति खर्चा कम से कम 25 से 30 हजार रुपये होगा जिसमें आना-जाना शामिल है।