साल 1977 में संसदीय सीट का दर्जा मिलने के बाद से ही फरीदकोट में अकसर ही दिलचस्प व कड़े मुकाबले देखने को मिलते रहे हैं। शिअद के प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल जैसे कद्दावर नेताओं के चुनाव लड़ने के कारण राज्य की हॉट सीट रही फरीदकोट में ज्यादातर सीधा और त्रिकोणीय मुकाबला ही देखने को मिला।
फरीदकोट संसदीय सीट को साल 2009 में आरक्षित कर दिया गया था। उससे पहले यहां से प्रकाश सिंह बादल, गुरबिंदर कौर बराड़, भाई शमिंदर सिंह, जगदेव सिंह खुड्डियां सुखबीर सिंह बादल, जगमीत सिंह बराड़ जैसे कद्दावर नेताओं ने चुनाव जीता। साल 2009 में सीट आरक्षित होने के बाद बादल परिवार ने यहां से पलायन करके बठिंडा सीट पर डेरा जमा लिया और यहां की कमान बठिंडा की सांसद परमजीत कौर गुलशन को सौंपी, जिन्होंने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के सुखविंदर सिंह डैनी को हराया। साल 2014 में आम आदमी पार्टी के पक्ष में चली लहर के चलते प्रो. साधू सिंह ने शानदार जीत अर्जित की और त्रिकोणीय मुकाबले में शिअद की परमजीत कौर गुलशन व कांग्रेस के जोगिंदर सिंह पंजगराईं को हराया।
साल 2019 में हुई त्रिकोणीय टक्कर में आम आदमी पार्टी के प्रो. साधू सिंह को तीसरे स्थान के साथ करारी हार का सामना करना पड़ा और उस समय कांग्रेस के मोहम्मद सद्दीक ने शिअद के गुलजार सिंह रणीके को धूल चटाई। इस साल सभी प्रमुख पार्टियों ने नए चेहरों पर दांव लगाया है।
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी दोस्त व अदाकार कर्मजीत अनमोल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिअद से अलग होने के बाद पहली बार मैदान में उतरी भाजपा ने गायक हंसराज हंस को टिकट दी है। कांग्रेस ने मोगा जिले की कद्दावर नेता अमरजीत कौर साहोके पर विश्वास जताया, जबकि शिअद ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के करीबी दोस्त रहे पूर्व मंत्री स्वर्गीय गुरदेव सिंह बादल के दोहते राजविंदर सिंह धर्मकोट को मैदान में उतारा है।
कर्मजीत अनमोल ही पहली बार चुनाव मैदान में
उम्मीदवारों के राजनीतिक अनुभव की बात करें तो सिर्फ आप के कर्मजीत अनमोल ही पहली बार कोई चुनाव लड़ रहे है जबकि बाकी तीनों की पृष्ठभूमि चुनाव व राजनीतिक परिवारों से जुड़ी हुई है। साल 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने फरीदकोट संसदीय सीट में शामिल 9 विधानसभा क्षेत्रों में से 8 क्षेत्रों फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, मोगा, धर्मकोट, निहाल सिंह वाला, बाघापुराना व रामपुराफूल में सफलता हासिल की थी, जबकि गिद्दड़बाहा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग करते हैं।
संसदीय क्षेत्र में पार्टी के 8 विधायक का साथ होने के बावजूद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कर्मजीत अनमोल की राह आसान नहीं दिख रही। भाजपा के हंसराज हंस को शहरी क्षेत्र के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र के दलित भाईचारे से व्यापक समर्थन मिल रहा है। वहीं, साल 2022 में आम आदमी पार्टी के पक्ष में भुगतने वाले शिअद व कांग्रेस के वोट बैंक की अपनी अपनी पार्टी में वापस होती दिखाई दे रही है, जिसके कारण चार कोणीय मुकाबले के आसार दिख रहे हैं। इन प्रमुख उम्मीदवारों के अलावा बहुजन समाज पार्टी व शिवसेना समेत अन्य पार्टियों ने भी अपने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की हुई है।