मतदान के बाद अंगुली पर लगी स्याही दिखाती बुजुर्ग महिलाएं।
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जालंधर लोकसभा उपचुनाव में बुधवार को मतदान को लेकर लोगों में खास उत्साह नहीं दिखा। सभी दलों की पूरी ताकत और चुनाव आयोग के प्रयासों के बावजूद मतदान का आंकड़ा 54 प्रतिशत तक ही पहुंच सका। 2019 में 63 फीसदी मतदान हुआ था। पिछले चुनाव से यह आंकड़ा नौ प्रतिशत कम है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वोट प्रतिशत 65 फीसदी के करीब होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब 54 फीसदी मतदान के बाद सभी प्रत्याशी जीत-हार का आकलन करने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि हार-जीत का अंतर काफी कम रहेगा।
सुबह आठ बजे मतदान शांतिपूर्वक शुरू हुआ और गर्मी के कारण मतदान की रफ्तार काफी धीमी रही। पहले एक घंटे में महज 5.21 फीसदी मतदान हुआ। सबसे ज्यादा 57 फीसदी मतदान शाहकोट विधानसभा और सबसे कम 48.5 फीसदी जालंधर कैंट विधानसभा में हुआ। करतारपुर में 54.फीसदी, जालंधर वेस्ट में 55.7 फीसदी, फिल्लौर में 55 फीसदी, नकोदर में 54.9 फीसदी, जालंधर नॉर्थ में 54.4 फीसदी, आदमपुर में 53.4 फीसदी और जालंधर सेंट्रल में 48.6 फीसदी मतदान हुआ।
कई जगह खूनी झड़प, आप व कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े
मतदान के दौरान कई स्थानों पर मारपीट हुई। दो जगह खूनी झड़प भी हुई। कई जगह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। कांग्रेस ने आप कार्यकर्ताओं पर विरोधी दलों के बूथ तोड़ने का आरोप लगाया। जालंधर वेस्ट में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता दीनानाथ के सिर पर एक युवक ने ईंट मार दी। इससे कुछ देर के लिए वोटिंग रोकनी पड़ी। आप नेता दिनेश काली की एडीसीपी सिटी से काफी बहस हुई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने चुनाव आयोग व डीजीपी को शिकायत कर दिनेश काली को गिरफ्तार करने की मांग की है।