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पठानकोट हमला: 65 घंटे चला था ऑपरेशन, सात जवानों दिया था बलिदान, अब मारा गया मास्टरमाइंड

Thu, 12 Oct 2023 12:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

फठानकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ के इशारे पर यह हमला किया गया था। एनआईए की अदालत मौलाना मसूद अजहर, उसके छोटे भाई मुफ्ती अब्दुल, शाहिद लतीफ और काशीफजां (सभी पाकिस्तान निवासी) को भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
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पठानकोट एयरबेस हमला। - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पठानकोट स्थित एयरबेस पर 2016 में हुए आतंकी हमले के मास्टर माइंड शाहिद लतीफ के मारे जाने के बाद हमले की यादें फिर ताजा हो गई हैं। यह हमला आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया था। एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 को पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। सभी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रावी नदी के रास्ते आए थे। 

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भारतीय इलाके में पहुंचकर आतंकियों ने कुछ गाड़ियां हाईजैक कीं और पठानकोट एयरबेस की ओर बढ़ गए। 2 जनवरी, 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी हथियारों के साथ एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे। इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मियों ने बलिदान दिया था जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। यह ऑपरेशन करीब 65 घंटे चला था। इसमें शामिल सारे आतंकी मारे गए थे, जबकि पाकिस्तान में बैठे उनके हैंडलर शाहिद लतीफ को भगोड़ा घोषित किया था। एनआईए की विशेष अदालत मोहाली में यह केस चल रहा है।

इस मामले की जांच कर रही एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी चार आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे, वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था। 
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जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ के इशारे पर यह हमला किया गया था। एनआईए की अदालत पाकिस्तानी आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मौलाना मसूद अजहर, उसके छोटे भाई मुफ्ती अब्दुल, शाहिद लतीफ और काशीफजां (सभी पाकिस्तान निवासी) को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। अजहर वही आतंकी है, जिसे 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में भारतीयों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।

'निकाह' था हमले का कोड वर्ड

करीब सात साल पहले जब पूरा देश नए साल का जश्न मना रहा था, ठीक उसी समय पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला कर भारत को दहलाने की तैयारी शुरू की थी। 2-3 जनवरी 2016 की रात को आंतकियों ने आर्मी की ड्रेस में पठानकोट एयरबेस स्टेशन पर हमला बोला था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई थी कि आरोपी हमले से करीब एक महीना पहले भारत में दाखिल हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने यहां रहकर रेकी की थी और सही समय का इंतजार किया। पाकिस्तान निवासी नासिर हुसैन, हाफिज अबु, उमर फारूख और अब्दुल कयूम हमला करने भारत आए थे। आतंकियों ने हमले का कोड निकाह रखा था। वहीं आतंकियों को बराती की संज्ञा दी गई थी। 

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