-पिछले साढ़े तीन साल से नहीं हो रहा राशि का भुगतान
-मिशन अधिकारी बोले- बिलों में खामियां, शिकायतकर्ता बोला-मुझे एक कमी बताएं
-भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस दहिया और महिला हो चुके गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कौशल विकास मिशन में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले प्रशिक्षण केंद्र संचालक रिंकू मनचंदा की 50 लाख रुपये की राशि का भुगतान छह माह बाद भी अटका हुआ है। इससे पहले, तीन साल से अटकी इसी राशि को निकलवाने के लिए मनचंदा ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को मामले की शिकायत दी थी और इस मामले में आईएएस विजय दहिया और बिचौलिया महिला पूनम चोपड़ा को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। बावजूद इसके आज तक बिल वहीं पर अटके हुए हैं, जहां पर पहले थे। अब शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने अपना मामला रखने की तैयारी में है।
फतेहाबाद निवासी रिंकू मनचंदा ग्रामीण शिक्षा के नाम से सोसायटी चलाते हैं। मिशन के साथ अनुबंध के चलते उनको लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने का काम दिया गया था। इसी प्रशिक्षण के नाम पर उसके 50 लाख रुपये के बिल मिशन में अटके हैं। साढ़े तीन साल से इस राशि के लिए मिशन के अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। गौर हो कि रिंकू मनचंदा ने 20 अप्रैल को एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित शिकायत देकर बताया था कि मिशन में बिल पास कराने के नाम पर 10 प्रतिशत रिश्वत ली जा रही है। इस मामले में वह दिल्ली निवासी महिला पूनम चोपड़ा को 2 लाख रुपये पहले दे चुका था और 3 लाख रुपये और देने थे। बाद में एसीबी की टीम ने महिला को तीन लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगेहाथ काबू किया था। महिला की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में एसीबी ने मिशन के मुख्य कौशल अधिकारी दीपक शर्मा और मिशन के आयुक्त आईएएस विजय दहिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। एसीबी की जांच में सामने आया था कि मिशन में जानबूझकर बिलों को अटकाया जाया जाता था और बाद में इन्हीं बिलों को 10 प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत लेकर पास किया जाता था।
बाक्स
मिशन में बजट की कमी
सूत्रों का दावा है कि मिशन में चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद सरकार ने मिशन में बजट देने में अपने हाथ खींच लिए हैं। इसी के चलते बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। वहीं, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते द्वारा कौशल केंद्रों पर छापेमारी की गई थी तो उसमें न पूरे प्रशिक्षण देने वाले शिक्षक मिले थे और न ही जिनके नाम रिकार्ड में हैं, वो अभ्यर्थी मिले थे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने यह रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी थी।
मुझे नहीं पता क्यों अटकाए हैं बिल : मनचंदा
रिंकू मनचंदा ने कहा कि वह छह माह में कई बार मिशन के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा चुका है, लेकिन उसके बिलों को पास नहीं किया जा रहा है। उसको आज तक बिलों में कमियों को लेकर कोई मेल नहीं की गई है और न ही कोई पत्र जारी किया है। अगर बिलों में कोई कमियां हैं, तो वह बताई जाएं, वह उसे दूर करेंगे। उन्होंने बताया कि मिशन के अधिकारियों द्वारा मिशन में बजट कम होने के चलते भुगतान नहीं होने की बात कही जा रही है। वह इस मामले में अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने अपनी समस्या रखेंगे।
कोट
रिंकू मनचंदा के द्वारा मिशन को दिए गए बिलों में कुछ खामियां थी। इन खामियों के संबंंध में उनको अवगत करा दिया गया था। बिलों में कमियों के पूरा होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। मिशन में बजट की कोई कमी नहीं है। -विवेक अग्रवाल, निदेशक, हरियाणा कौशल विकास मिशन।