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हरियाणा के नए सीएम की खास-खास बातें

Tue, 21 Oct 2014 06:01 PM IST
दिनेश कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एक समय था जब मनोहर लाल खट्टर पर परिजनों का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रचारक परंपरा को छोड़ घर संभालने का जबरदस्त दबाव था। इस पर उन्होंने परिजनों ने कहा था कि उनके चार भाइयों में से किसी एक को देशसेवा के लिए भेज दो तो वे घर वापस आ जाएंगे, लेकिन बात नहीं बनी और मनोहर लाल ने आजीवन अविवाहित रहते हुए समाजसेवा का संकल्प ले लिया।
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महम खंड (रोहतक जिला) के निदाना गांव में 1954 में जन्मे मनोहर लाल की स्कूली शिक्षा कलानौर खंड के गांव बनियानी में हुई। इनके पिता की बनियानी गांव में एक दुकान की थी, जिसके बाद इनका परिवार इसी गांव में रहने लगा। छात्र जीवन में वे काफ गंभीर प्रवृति के थे, जिसके कारण कक्षा के दूसरे विद्यार्थी उन्हें हेडमास्टर कहकर पुकारते थे।

प्रैप मेडिकल (ग्यारहवीं)और प्री मेडिकल (बारहवीं)की पढ़ाई उन्होंने 1972 में रोहतक के सरकारी कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कपड़े का कारोबार किया।
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इस दौरान उन्होंने अपनी अपनी पढ़ाई प्राइवेट जारी रखी। 1975 में देश में लगे आपातकाल के दौरान उनकी रुचि देशहित कार्र्यों के लिए बनी और 1977 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने।

चौदह साल तक संघ के दायित्व निभाए

1980 में वे अपना कारोबार और घर छोड़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचारक निकले। चौदह साल तक संघ में विभिन्न दायित्वों पर रहे। संघ का अंतिम दायित्व उनके पास हिसार और भिवानी विभागों के प्रचारक का रहा। इन विभागों में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ जिले आते हैं।

जम्मू-कश्मीर से बढ़ा राष्ट्रीय राजनीति में कद
2002 में पार्टी ने उन्हें जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया। इसके बाद हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें एक बार फिर हरियाणा में जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया। इस चुनाव में पुराने कार्यकर्ताओं को काम में लगाने और रूठों को मनाने में उनकी खास भूमिका रही।

बंसीलाल की सरकार से आए थे सुर्खियों में

1994 में उन्हें हरियाणा भाजपा में प्रदेश संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। 1996 का विधानसभा चुनाव भाजपा ने बंसीलाल की पार्टी हरियाणा विकास पार्टी के साथ मिलकर लड़ा।

इस चुनाव की रणनीति बनाने में खट्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके बाद बंसीलाल की सरकार गिरने के बाद वे पहली बार सुर्खियों में आए।

रूठों को मनाने की कला के माहिर
उनके साथ काम करने वाले संघ के एक प्रचारक कहते हैं कि जहां मनोहर लाल का व्यवस्था कौशल जबरदस्त है, वहीं वे अनुशासन के भी पक्के हैं। वे संपर्क संबंध बनाने के माहिर भी माने जाते हैं।

स्कूल समय से उनके सहपाठी रहे नरेंद्र खट्टर कहते हैं कि मनोहर लाल काफी गंभीर प्रवृति के छात्र रहे थे। इसके चलते कक्षा में दूसरे विद्यार्थी उन्हें हेडमास्टर कहकर पुकारते थे।

सभी बड़े नेताओं में सीएम बनने की चाह

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने मुख्यमंत्री का चेहरा मंगलवार को जनता के सामने पेश कर देगी। इस पर निर्णय चंडीगढ़ में होने वाली विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। करनाल विधानसभा सीट से चुनाव जीते मनोहर लाल खट्टर का नाम लिस्ट में पहले नंबर पर है, लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने इच्छा जताई है।

प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा, अनिल विज और कैप्टन अभिमन्यु ने भी मुख्यमंत्री बनने के लिए इच्छा जाहिर की है। रामबिलास शर्मा ने जहां अपने पुराने अनुभव का हवाला दिया है। वहीं, अनिल विज अब तक के विधानसभा अनुभव को गिनवा चुके हैं।

हालांकि, खट्टर के विरोध में किसी ने स्वर नहीं उठाया है, लेकिन भाजपा में मुख्यमंत्री बनने की चाह हरियाणा के सभी बड़े नेताओं में है। कैप्टन अभिमन्यु समेत अन्य नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच खट्टर के नाम पर चर्चा हो चुकी है। संघ के पदाधिकारियों ने भी खट्टर के नाम को आगे बढ़ाया है। इस वजह से अन्य समीकरण कमजोर दिख रहे हैं।
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अंतिम निर्णय पर मोदी और शाह मुहर लगाएंगे

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक अंतिम समय तक कोई परिवर्तन न हुआ तो मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर लाल खट्टर का नाम पहले नंबर पर है। इसके अलावा अन्य नामों पर विचार चल रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय पर मोदी और शाह मुहर लगाएंगे। मंगलवार को चंडीगढ़ के यूटी रेस्ट हाउस में विधायक दल की बैठक होगी। इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर वेंकैया नायडू और दिनेश शर्मा पहुंचेंगे।

हरियाणा चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि चंडीगढ़ में मंगलवार को विधायक दल की बैठक होगी। इसमें विधायक दल के नेता के नाम पर मुहर लगेगी। 99 फीसदी तय है कि मंगलवार को ही मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।

भाजपा विधायक अनिल विज के अनुसार, 'मैं मुख्यमंत्री पद का दावा नहीं कर रहा, लेकिन पार्टी जिम्मेदारी सौंपेगी तो स्वीकार करूंगा। हरियाणा में अकेले चलने का अभियान सबसे पहले मैंने छेड़ा था। आज मेरी कैंपेन सफल हुई है। पार्टी को हरियाणा में अकेले ही बहुमत मिल गया है।'

उत्तर हरियाणा और नॉन जाट भाजपा की पहली पसंद
उत्तर हरियाणा से अधिक सीटें मिलने के कारण भाजपा इसी क्षेत्र से मुख्यमंत्री बनाने की इच्छुक है। इसमें मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज दो नाम हैं। गैर जाट मतदाताओं द्वारा दिया गया जनमत पार्टी नजरअंदाज नहीं कर सकती है।

खट्टर के नाम के साथ चल रहे समीकरण
-मोदी और शाह की पहली पसंद
-संघ से पुराना नाता और प्रचारक
-खट्टर के नाम पर मतभेद नहीं, हैं भी तो अंदरूनी
-पार्टी के लिए जाने वाले निर्णयों पर गंभीर छवि
-प्रदेश के संगठन मंत्री
-जम्मू कश्मीर के प्रभारी रह चुके हैं
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