यूटी के चुनाव विभाग ने चंडीगढ़ के प्रशसाक के सलाहकार केवल कुमार शर्मा की दो वोटें बना दी हैं। यूटी प्रशासन की ओर से जारी मतदाता सूची में प्रशासक के सलाहकार के सेक्टर-7 स्थित घर पर शर्मा के नाम की दो वोट है।
दोनों के सीरियल नंबर और मतदाता पहचान पत्र नंबर अलग-अलग हैं। शर्मा की वोट 6 जनवरी को प्रकाशित हुई नई मतदाता सूची के बाद बनी है।
शर्मा की तरह ही शहर के 7500 से अधिक मतदाताओं के डुप्लीकेट वोट बने हैं। मतदाता सूची भाग संख्या 107 के पृष्ठ नंबर 51 में केवल कुमार शर्मा की पहली वोट का सीरियल नंबर 1358 है और इसका मतदाता पहचान पत्र नंबर एएक्सएन 2105419 है, जबकि दूसरा वोट का सीरियल नंबर 1359 है और इसका मतदाता पहचान पत्र नंबर एएक्सएन 2110468 है।
दोनों में शर्मा की आयु और पिता का नाम एक है। शर्मा का मतदान केंद्र गवर्नमेंट नर्सरी स्कूल, सेक्टर-7 में कमरा नंबर एक होगा।
जानकारी के मुताबिक, चुनाव विभाग ने मतदाताओं का डाटा सॉफ्टवेयर के माध्यम से जब चेक किया तो यह स्पष्ट हुआ कि चंडीगढ़ में लगभग 7500 मतदाताओं के दो वोट बने हैं।
इनमें से कई मतदाता ऐसे हैं, जिनके वोट अलग-अलग पते पर हैं। कुछ ऐसे भी मतदाता हैं, जिनका एक वोट चंडीगढ़ में और दूसरा दूसरे शहर में है। नियमों के अनुसार कोई भी जब अपना घर बदलता है तो उसे अपने पिछले घर के पते पर वोट कटवानी पड़ती है।
मेरी जानकारी में यह नहीं है कि मतदाता सूची में मेरी दो वोटें हैं। मैं चुनाव विभाग से इसकी जानकारी मांगूंगा कि ऐसा क्यों हुआ है? अगर एक डुप्लीकेट वोट है भी तो वह कट जाएगी। डुप्लीकेट वोटों की सूची भी जारी होगी।
-केवल कुमार शर्मा, प्रशासक के सलाहकार
इस मामले को दिखाया जाएगा। हलांकि, जिस मतदाता की अंगुली में स्याही लग जाती है वह दोबारा वोट नहीं डाल सकता है। चंडीगढ़ में 7500 लोगों की डुप्लीकेट वोट हैं। लेकिन, मतदाता सूची से उन्हें हटाया नहीं जा सकता है। यह लंबी प्रक्रिया है। लेकिन, जिन लोगों की अगर डुप्लीकेट वोट भी है वह भी एक बार ही वोट डाल सकता है।
-मोहम्मद शाईन, उपायुक्त और चुनाव अधिकारी, चंडीगढ़
चुनाव विभाग की तकनीकी गलती के कारण प्रशासक के सलाहकार की दो वोट बनी। कई बार तकनीकी कारणों से डबल एंट्री हो जाती है। इसे चुनाव के बाद ठीक कर दिया जाएगा।
तिलक राज, ज्वाइंट, चीफ इलेक्टोरल अफसर