कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को रेल रोको अभियान चलेगा। हरियाणा में 80 स्थानों और पंजाब के 15 जिलों में 21 स्थानों पर किसान दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक रेल रोकेंगे। हरियाणा सरकार रेल रोको आंदोलन को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरत रही है।
पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट है। राज्य की अहम रेलवे लाइनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। जीआरपी और आरपीएफ जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सीएम मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज ने भी पुलिस, प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की है। किसानों के ट्रेन रोकने के दौरान उकसावे वाली कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं टीकरी बॉर्डर पर बुधवार को भी आंदोलनकारी किसानों का धरना जारी रहा। पंजाब से ट्रेन के जरिए सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। वहीं उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल बुधवार को जींद पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों की हठधर्मिता के कारण आंदोलन चल रहा है। आज तक कोई भी यह नहीं बता पाया कि कृषि कानूनों में काला क्या है। इधर, पंजाब में भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने 21 फरवरी को मजदूर किसान एकता महारैली बरनाला में करने का आह्वान किया है।
हरियाणा में इन स्थानों पर रोकी जाएंगी ट्रेनें
सोनीपत में किसान दो जगह रेल रोकने के लिए ट्रैक पर बैठेंगे। जींद में 10 स्थानों पर धरना देंगे। रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर रेल लाइन को बावल के समीप राजस्थान के अजरका गांव में रोकेंगे। बहादुरगढ़ में एक स्थान, रोहतक में तीन, भिवानी में 10, चरखी दादरी में एक, फतेहाबाद में दो, सिरसा में सात, हिसार में चार स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। जीटी बेल्ट के जिलों में पानीपत में दो, अंबाला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र में एक-एक स्थान पर रेल रोकी जाएगी। कैथल के किसान कुरुक्षेत्र के थानेसर स्टेशन पहुंचेंगे, क्योंकि दोपहर 12 से चार कैथल में किसी ट्रेन का शेड्यूल नहीं है।
पंजाब में इन स्थानों पर रोकेंगे रेल
पटियाला जिले में नाभा, संगरूर में सुनाम, मानसा, बरनाला, बठिंडा में रामपुरा, मंडी, संगत और गोनियाना, फरीदकोट में कोटकापुरा, मुक्तसर में गिद्दड़बाड़ा, फाजिल्का में अबोहर और जलालाबाद, फिरोजपुर, मोगा में अजीतवाल, लुधियाना खास और दोराहा, शाहकोट, जालंधर में तरनतारन, अमृतसर में फतेहगढ़ और गुरदासपुर और कादियान में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जाम रहेगा।