सुखबीर सिंह बादल, ममता बनर्जी। (फाइल फोटो)
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखकर किसान आंदोलन की प्रगति बताई है। चिट्ठी में उन्होंने किसानों के आंदोलन की सुध लेने पर आभार प्रकट करते हुए लिखा है कि केंद्र की अड़ियल सरकार के खिलाफ समान विचारधाराओं के दलों को एक मंच पर आने की आवश्यकता है।
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ एकजुटता के एक पत्र में सुखबीर बादल ने कहा है कि पंजाब और पश्चिम बंगाल ने हमेशा से ही वित्तीय संकट के लिए केंद्र की सरकार से लड़ाई लड़ी है। राज्यों के हितों के लिए राजनीतिक स्वायत्तता मजबूत होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से केंद्र द्वारा बहानेबाजी से राज्यों की शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है।
सुखबीर ने टीएमसी सांसदों की पांच सदस्यीय कमेटी को संघर्षरत किसानों से बातचीत करने के लिए भेजने के लिए भी बधाई दी और कहा कि आपको कृषि अधिनियम को निरस्त करने के लिए अगला कदम उठाना चाहिए। कई कार्यक्रमों की घोषणा कर किसानों के संघर्ष को मजबूत किया गया है।
शिअद कर चुका है तीन सदस्यीय कमेटी का गठन
चिट्ठी में शिअद अध्यक्ष ने टीएमसी नेता को बताया है कि पार्टी ने वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भुंडर, प्रेम सिंह चंदूमाजरा और सरदार सिकंदर सिंह मलूका को लेकर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो केंद्र के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों के साथ परामर्श कर रही है। अभी तक कमेटी टीएमसी अध्यक्ष से मिलने के अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राकांपा नेता शरद पवार से मुलाकात कर समर्थन हासिल कर चुकी है।
तृणमूल के पांच सांसद सिंघू बॉर्डर पहुंचे
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के निर्देश पर उनकी पार्टी तृणमूल के पांच सांसद डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल, मोहम्मद नदीमुल हक भी सिंघू बॉर्डर पहुंचे। जहां उन सभी ने किसानों से बातचीत की और उनके साथ रहने की बात कही है।