पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए याद करवाया है कि न तो देश की सीमाओं की रक्षा का काम किसी कॉरपोरेट को दिया जा सकता है और न ही 135 करोड़ भारतीयों की खाद्य सुरक्षा का जिम्मा बड़ी कंपनियों को दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा असल में देश की भोजन सुरक्षा के साथ जुड़ी हुई है। इसीलिए कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा लाए काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के आठ दिसंबर के भारत बंद के आह्वान का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
जाखड़ ने कहा कि आठ दिसंबर को पार्टी की ओर से जिला स्तर पर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किए जाएंगे। आज हमारा किसान देश की भोजन सुरक्षा को खतरे में डालने वाले काले कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली के दरवाजे पर बैठा है, जबकि उसके बेटे राष्ट्र की रक्षा के लिए सीमाओं पर पहरा दे रहे हैं। देश की त्रासदी ही कही जा सकती है कि इन हालात में देश की सरकार काले कानून वापस लेने को तैयार नहीं हो रही है।
जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों की इस लड़ाई के साथ खड़ी है और वह शुरू से ही मोदी सरकार द्वारा लाए काले कानूनों का विरोध कर रही है इसलिए पार्टी द्वारा फैसला किया गया है कि किसान हित के लिए लड़ी जा रही इस लड़ाई में पार्टी अपना योगदान देते हुए भारत बंद के फैसले का पूर्ण समर्थन करती है।
संसद में कोई चर्चा ही नहीं होनी तो नए भवन की क्या जरूरत : जाखड़
जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद भवन की इमारत का नींव पत्थर रखने की जल्दी में हैं लेकिन जब केंद्र सरकार संसद में कोई चर्चा ही करने को तैयार नहीं है तो फिर मंदी के इस दौर में नया भवन बनाने का क्या महत्व रह जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को कहा कि सरकार लोगों से जुड़े मुद्दों की संसद में चर्चा करने के लिए आगे आए न कि अपने एजेंडे लोगों पर थोपकर लोकतांत्रिक परंपराओं का दमन करें।