हरियाणा-राजस्थान सीमा पर तैनात पुलिस बल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने करीब 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बैरिकेड तोड़ गुरुवार को दिल्ली कूच कर दिया। बैरिकेड तोड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पांच किसान घायल हो गए।
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को रेवाड़ी रोहतक हाईवे-71 व दिल्ली-जयपुर हाईवे-48 फ्लाईओवर से पहले गांव भूड़ला के पास रोक लिया। पुलिस के लौटने की अपील पर आंदोलनकारी किसान वहीं हाईवे पर बैठ गए। देर शाम तक वहां स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। किसानों के आगे बढ़ने के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और करीब 10 किमी लंबा जाम लग गया।
खेड़ा बॉर्डर पर 13 दिसंबर से कृषि कानूनों के विरोध में किसान धरने पर बैठे हैं। इनमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र के भी किसान शामिल हैं। गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे अचानक ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार किसानों ने खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड तोड़ दिया। 100 ट्रैक्टर-ट्रालियों में करीब 300 किसान दिल्ली कूच पर अड़े थे। किसानों के अचानक उत्तेजित होने पर पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवानों ने उनको रोकने का प्रयास किया लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया गया, इसमें पांच किसान घायल हो गए।
बैरिकेड न तोड़ने का आग्रह करते रहे किसान नेता
जिस समय किसान बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। उस समय कुछ किसान नेता सभा को संबोधित कर रहे थे। किसान नेता लगातार किसानों से बैरिकेडिंग न तोड़ने का आग्रह करते रहे। लेकिन किसानों का जत्था कुछ किसान नेताओं का विरोध कर आगे बढ़ गया।
राकेश टिकैत भी पहुंचे किसानों से मिलने
किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस व अर्ध सैनिक बलों ने एनएच-71 हाईवे के कट के समीप ट्रॉला, कंटेनर व बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी कर दी। इसके बाद किसानों ने अपने जत्थे को साल्हावास गांव के समीप रोक दिया। फिर पुलिस ने किसान नेताओं को बुलाकर उत्तेजित किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान हाईवे के रास्ते दिल्ली जाने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत, राजाराम मील, मजिंद्र सिंह सरसा और युद्धवीर सहित अन्य किसान नेता वहां मौजूद रहे।