तीन नए कृषि कानूनों को लेकर टीकरी बार्डर व बहादुरगढ़ में डटे किसानों में से कई किसानों की बीमारी व अन्य वजह से मौत हो चुकी है। गुरुवार की सुबह भी कैथल जिले के रहने वाले एक किसान की मौत हो गई। उनकी मौत दिमाग की नस फटने से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की सही वजह का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रोहतक पीजीआईएमएस में शव का पोस्टमार्टम बहादुरगढ़ पुलिस ने करवाते हुए बाद में वारिसों के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार मृतक किसान रामकुमार कैथल जिले के गांव भाणा के रहने वाले थे। कई दिनों से वह इस आंदोलन के हिस्सा थे और नया गांव बाईपास के नजदीक वह किसान जत्थे के साथ ही ठहरे हुए था। बताया गया है कि बुधवार की शाम लंगर का सामान लेने के लिए वह अपने साथियों संग ट्रॉली में बैठकर सब्जी मंडी जा रहे थे।
अचानक उन्हें दौरा पड़ गया। साथी किसानों ने तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक स्थित पीजीआईएमएस रेफर कर दिया जहां पर उपचार के दौरान गुरुवार की अल सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।