चंडीगढ़ पीजीआई के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से बुधवार को किडनी मरीजों के आंकडे़ जारी किए गए, जो बेहद चौंकाने वाले रहे। इसके अनुसार चार साल के दौरान पीजीआई में किडनी मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। 2012 में इनकी संख्या 7205 थी, जो 2015 में बढ़कर 22,400 हो गई।
नेफ्रोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि किडनी की समस्या से जुड़े मरीजों की संख्या आजकल के लाइफ स्टाइल ठीक न होने के कारण बढ़ रही है। लोगों को हाइपर टेंशन, डायबिटीज की समस्या बढ़ती जा रही है। इस कारण लोग किडनी की बीमारी से अधिक पीड़ित हो रहे हैं। देश में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है।
इस कारण लोगों के खान-पान ठीक तरीके से नहीं हो रहे हैं। इस कारण इस तरह की समस्या बढ़ रही है। किडनी की बीमारी के 50 फीसदी मरीज तब आते हैं, जब उनका डायलिसिस के जरिए इलाज होता है या फिर किडनी का प्रत्यारोपण करना पड़ता है।
किडनी प्रत्यारोपण के लिए आठ सौ मरीज वेटिंग में हैं। वर्ष 2015 में 5441 लोगों ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन पीजीआई में कर चुके हैं। पीजीआई की न्यू ओपीडी में 10 और 11 मार्च को किडनी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें ब्लड और युरिन की जांच की जाएगी।
स्कूलों में चलाया जाएगा किडनी स्क्रीनिंग प्रोग्राम
यूटी प्रशासन और पीजीआई के सहयोग से शहर के स्कूलों में बच्चों की किडनी परीक्षण के लिए स्क्रीनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा। नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. केएल गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का प्रपोजल बनाया गया है। इसे एक साल के अंदर प्रशासन की मदद से शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके माध्यम से बच्चों की जांच की जाएगी। ताकि उन्हें किडनी की बीमारी से बचाया जा सके।