मणिपुर निवासी महिला को नौकरी के बहाने चंडीगढ़ लाकर उसकी किडनी निकालने की साजिश रचने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी इबम (28) ने ढाई लाख रुपये में अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराई है। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इबम ने किडनी किससे ट्रांसप्लांट करवाई है, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। वहीं पुलिस अब इबम के करीबियों से भी पूछताछ करेगी।
सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी सुरजीत ने पांच लाख रुपये मणिपुर निवासी बिमल से लिए थे, जिसको पीड़ित महिला की किडनी निकालकर देनी थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि सुरजीत इस किडनी रैकेट को मणिपुर से ही ऑपरेट करता है। सुरजीत के अलावा पुलिस एक अन्य आरोपी तोंबा की भी तलाश कर रही है, जो पीड़ित महिला और इबम व बिमल के साथ चंडीगढ़ में आया था।
बीते 30 अगस्त को मणिपुर निवासी एक महिला खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास मिली। महिला पांच दिन से भूखी थी, जिससे उसकी हालत खराब हो गई थी। उसे पीजीआई में दाखिल करवाया गया। साथ ही लोगों ने वुमन एंड चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। इसके बाद महिला का मेडिकल करवाया गया। महिला ने बताया कि करीब दो माह पहले उसे फ्लाइट के जरिए दो लोग नौकरी दिलवाने का झांसा देकर चंडीगढ़ ले आए थे। इसके बाद धोखे से उसकी किडनी को एक व्यक्ति में ट्रांसप्लांट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
इसकी भनक पीड़ित महिला तक को नहीं लगी। किडनी ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने के लिए महिला के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और फिर महिला की तरफ से एफिडेविट भी तैयार करा दिया गया, जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से किडनी डोनेट कर रही है। इसमें किडनी लेने वाले को पीड़ित महिला का पति बनाया गया। महिला के साथ उसका 5 वर्षीय बेटा भी था। घटना के बाद से मामले की जांच डीएसपी ईस्ट कृष्ण कुमार को सौंपी गई।