खुशप्रीत की हत्या मामले में मंगलवार को जिला अदालत में इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल के क्रास बयान दर्ज किए। इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल से बचाव वकील से ट्रैप के दौरान सवाल जवाब पूछे।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी को तय की है। बुडै़ल निवासी पांच वर्षीय खुशप्रीत का 21 दिसंबर-2010 अपहरण घर के पास से ही हो गया था।
अपहरण के बाद उसके चाचा के मोबाइल फोन पर दस लाख रुपये की फिरौती की कॉल आई थी। खुशप्रीत के परिजनों ने बच्चे को बचाने के लिए अपहरणकर्ताओं को चार लाख फिरौती दे दी थी।
फिरौती लेने के बाद पांच जनवरी 2011 को अपहरणकर्ताओं ने खुशप्रीत की हत्या कर शव मोहाली में फेंक दिया था। डीएसपी विजय कुमार ने हत्या के मामले में खु़लासा करते हुए खुशप्रीत के पड़ोसी सुखदेव और गुरमिंदर को दबोचा था।
बाद में पुलिस ने मामले में शामिल उनके नौकर नंद किशोर को पकड़ा था। 07 अगस्त 2011 को अदालत ने सुखदेव, गुरमिंदर और नंद किशोर के खिलाफ आरोप तय किए थे।