खुड्डा लाहौरा में नाबालिग से रेप मामले में जिला अदालत से बरी हुए यूटी पुलिस के पांच पूर्व पुलिसकर्मियों ने विभाग में फिर से ज्वाइनिंग के लिए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में याचिका दायर की है। पांचों बर्खास्त कांस्टेबलों ने 11 नवंबर 2014 को जिला अदालत से बरी होने वाले फैसले को आधार बनाते हुए फोर्स में फिर से ज्वाइनिंग देने की अपील की है। वहीं मामले में यूटी प्रशासन ने पांचों कांस्टेबलों को रिइंस्टेट करने का कड़ा विरोध किया है। केस की अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
यूटी के नोडल अफसर अरविंद मोदगिल ने याचिका का विरोध करते हुए ट्रिब्यूनल में कहा कि अदालत में पीड़िता ने केस में सपोर्ट नहीं किया था। इस पर अदालत ने पांचों पुलिसकर्मियों को सबूतों के अभाव और शक का लाभ देते हुए बरी किया। ऐसे में इन्हें सर्विस से बर्खास्त करने का फैसला सही था।