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खेमका के तबादले के पीछे आखिर किसका हाथ?

Fri, 03 Apr 2015 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका को परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी देने के बाद अचानक हटा दिए जाने से खेमका फिर से उसी दफ्तर में पहुंच गए हैं, जहां उन्हें हुड्डा सरकार छोड़कर गई थी। भाजपा कभी जिस आईएएस अफसर की तारीफ करते नहीं थकती थी, उसकी सरकार में खेमका के साथ वैसा ही सलूक हो रहा है जैसा कांग्रेस करती रही है। दिलचस्प बात है कि पूर्व की हुड्डा सरकार के समय में खेमका को थमाई गई चार्जशीट भी निरस्त नहीं हो पाई है।
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खेमका को यातायात आयुक्त के पद से हटाकर दोबारा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के सचिव और महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा जा रहा है कि खनन माफिया पर नकेल कसने की सजा उन्हें दी गई है। जबकि सरकार इसे आम प्रशासनिक फैसला बता रही है। खेमका के करीबियों की मानें तो उन्होंने दिसंबर में आदेश जारी कर तय मानकों से ज्यादा भार वाले वाहनों पर सख्ती के अधिकार जिलों के अफसरों को दे दिए थे। इससे खनन लॉबी बेहद खफा थी।

अब अशोक खेमका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 23 साल के करियर में तबादला-दर-तबादला झेलते आ रहे खेमका ने ट्वीट कर अपनी पीड़ा जाहिर कर दी है, लेकिन वे मीडिया के सामने सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कांग्रेस की हुड्डा सरकार के कार्यकाल में खेमका ने वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदा खारिज किया था। इसके बाद उन्हें चकबंदी से हटाकर पुरातत्व विभाग में भेज दिया गया। उस समय भाजपा ने ईमानदार अफसर को परेशान करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया था।
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खेमका के ट्वीट

1. तमाम कमियों के बावजूद परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने और बदलाव लाने की कोशिश की। ये क्षण तकलीफ देने वाला है
2.महानिदेशक या सचिव का पद 16 साल के सेवा वाले आईएएस अफसर के लिए है। मैं 24 साल की सेवाएं दे चुका हूं।

कोट:
मैं खेमका के साथ हूं, उनके तबादले पर मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा। उन्होंने कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।

ट्वीट, रणसिंह मान प्रवक्ता कांग्रेस
भाजपा यूज एंड थ्रो की नीति पर चलती है। पहले कासनी व अब खेमका जी के साथ यह होना ही था। अन्य अधिकारियों व राजनेताओं के लिए साफ संदेश भी है।

इनसेट---
किसी अधिकारी का तबादला प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। सरकार को जिस अधिकारी की जहां आवश्यकता होती है। उसे वहीं नियुक्त किया जाता है।
-मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री।
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