हरियाणा की मनोहर सरकार कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर कांग्रेस के अब तक के भ्रष्टाचार संबंधी मामलों को उजागर करने की तैयारी में है। संसद में कांग्रेस के हंगामे के बाद देश के भाजपा शासित राज्यों के बड़े नेता प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस को घेरने की तैयारी करेंगे।
इस कड़ी में प्रदेश की पूर्व हुड्डा सरकार केसमय में लिए कुछ जनविरोधी फैसलों की कलई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खोल सकते हैं। सरकार ने देर रात तक मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस मामले में होम वर्क किया है।
केंद्रीय नेताओं की संसद में हुई बहस की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री ने मांग ली है। भाजपा का एजेंडा यह है कि कांग्रेस ने जिस तरह से संसद की प्रक्रिया में बाधा डाली है, उसे देश की जनता के सामने पेश कर यह बताया जाए कि कितने महत्वपूर्ण फैसले कांग्रेस के विरोध के चलते अमलीजामा पहनाने से रह गए हैं।
सुषमा स्वराज के तीखे प्रहारों के बाद भाजपा कांग्रेस को आगे बढ़ने का मौका नहीं देना चाहती है। इसीलिए पार्टी ने यह रणनीत अपनाई है। मालूम हो कि पिछली सरकारों के निर्णयों पर 100 से ज्यादा विजिलेंस की जांचें सरकार पहले ही बिठा चुकी है। इसके अलावा वाड्रा डीएलएफ लैंड डील के मामले में कमीशन भी मनोहर सरकार ने जांच के लिए बिठा दिया है। लिहाजा, शुक्रवार को होने वाली मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता अहम होगी।