फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'संविधान के अनुसार सही नहीं खट्टर मंत्रिमंडल'

Thu, 18 Dec 2014 12:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
संविधान की धारा-164 आईए के संशोधन के अनुसार किसी भी प्रदेश की सरकार के कैबिनेट में 12 मंत्री शामिल होने चाहिएं और ज्यादा से ज्यादा कुल विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री कैबिनेट में नहीं होने चाहिए। हरियाणा में इस समय मुख्यमंत्री सहित 10 मंत्री ही कैबिनेट में शामिल हैं।
विज्ञापन


प्रदेश की नई सरकार के कैबिनेट की ओर से जो भी फैसले अभी तक लिए गए हैं, वह सभी असंवैधानिक और गैर-कानूनी है। यह बात बुधवार को पलवल से 5 बार विधायक रहे करण सिंह दलाल ने कही।

दलाल ने संविधान की धारा में साल 2003 में हुए संशोधन की प्रति के साथ हरियाणा के गवर्नर से कार्रवाई की मांग करते हुए पत्र भी भेजा है। दलाल ने सेक्टर-27 में प्रेसवार्ता कर कहा कि साल 2003 में केंद्र में भाजपा की ही सरकार थी। उन्होंने ही उक्त संशोधन किया था।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्तमान खट्टर सरकार ने पिछले संविधान के अनुसार बनी हुड्डा सरकार के फैसलों को पलटा है। वह सभी गैरकानूनी है क्योंकि खट्टर सरकार के मंत्रिमंडल का गठन ही संविधान के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के फैसलों से जो लोग प्रभावित हुए हैं, चाहे वह कर्मचारी हो या फिर बुजुर्ग, वह सभी इस सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी इस सरकार के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं।

छह माह के भीतर लागू करने की सीमा हुई थी तय
साल 2003 में हुए संशोधन में लिखा गया है कि छह माह के भीतर सभी विधानसभाओं में नए आदेश लागू हो जाएं। उसके बाद कोई भी प्रावधान नहीं रखा गया था।

दो और विधायकों की लाटरी खुली
अगर खट्टर सरकार संविधान के संशोधन को लागू करती है तो उसे दो और विधायकों को कैबिनेट में शामिल करना होगा। ऐसे में कई विधायक फिर से लाबिंग करने लग गए हैं।

अनावश्यक विषय उठा रहे दलाल
कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने कैबिनट को असंवैधानिक बताने के मामले में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि कांग्रेसी नेता अनावश्यक विषयों को उठा रहे हैं क्योंकि हमारे देश में छोटे मंत्रिमंडल की तो प्रशंसा होती है। कानून में भी मंत्रियों की अधिकतम संख्या तय है, कम की नहीं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें