पंजाब से भागकर लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के शीर्ष नेता हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी की रविवार को लाहौर के डेरा चहल गुरुद्वारे से सटे गुरुद्वारा बेबे नानकी के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
ड्रग्स सप्लाई के पैसों को लेकर हुए विवाद में स्थानीय गिरोह पर उसकी हत्या करने का शक है। हैप्पी 2016-17 में पंजाब में आरएसएस के पदाधिकारी की हत्या का आरोपी था। मूल रूप से वह अमृतसर के छेहरटा के नजदीक न्यू कबीर पार्क इलाके का रहने वाला था।
भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आईएसआई की शह पर पाकिस्तान से केएलएफ का संचालन कर रहे हैप्पी ने 2019 में ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हमले की साजिश रची थी। पंजाब पुलिस का मोस्ट वांटेड हैप्पी अमृतसर हैंड ग्रेनेड हमले और पंजाब में आरएसएस तथा शिवसेना नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोपी था। वह कई साल से पाकिस्तान से भारत में ड्रग्स सप्लाई करता था और खालिस्तानी समर्थकों की मदद करता था।
पाक से साजिश रचने वाले खतरे में
हैप्पी की हत्या उन खालिस्तानी आतंकियों के लिए खतरे की घंटी है, जो पाकिस्तान में बैठकर आईएसआई की शह पर भारत के खिलाफ साजिश में रचने में जुटे हैं। भारत की सूचना पर इंटरपोल ने कई देशों में खालिस्तान से जुड़े आतंकियों को रेड नोटिस जारी किया था, हैप्पी भी उनमें से एक था।
ड्रोन से हथियार भेजने में भी हाथ
पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई हैप्पी उसका इस्तेमाल भारत में ड्रग्स और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए करती थी। सूत्रों के अनुसार तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर के सीमावर्ती गांवों में ड्रोन के माध्यम से भेजे हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में आईएसआई ने उसका इस्तेमाल किया था।
आईएसआई ने ही पीएचडी को गुरुद्वारा बेबे नानकी में शरण दी हुई थी। वहां से वह नशीले पदार्थों के साथ-साथ हथियारों की तस्करी के काले कारोबार का संचालन करता था। वहीं, मंगलवार दोपहर को कुछ पुलिस अधिकारी अमृतसर में पीएचडी के घर पहुंचे और उसके माता पिता के बयान रिकॉर्ड किए।
हैप्पी की लाश को खुर्द बुर्द कर सकता है पाकिस्तान
अमृतसर। आतंकी हैप्पी पीएचडी पर जालंधर में ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जगदीश गगनेजा और लुधियाना में आरएसएस के प्रचारक रविंद्र गोसाईं की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप था। जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान कभी भी हैप्पी का शव भारत को नहीं सौंपेगा। अगर पाकिस्तान हैप्पी का शव भारत को सौंपता है तो इस बात की पुष्टि हो जाएगी कि पाकिस्तान खालिस्तानी आतंकवादियों को पनाह दे रहा है। हैप्पी इन हत्याओं के बाद पाकिस्तान भाग गया।
वह पाकिस्तान किस रास्ते से गया, इसकी जांच में सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं। वहीं, हैप्पी की हत्या का समाचार पाकिस्तानी मीडिया में सेंसर कर दिया गया है। इसकी संभावना है कि आईएसआई हैप्पी की लाश को खुर्द बुर्द कर सकती है। बता दें कि भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार को एक दस्तावेज सौंपा है जिसमें पाकिस्तान में शरण लिए खालिस्तानी आतंकवादियों के नाम है। पाकिस्तान इन आतंकवादियों के वहां नहीं होने का राग अलापता रहा है।