प्रबंधकीय कांप्लेक्स में बनी पार्किंग में काम करने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसने सुबह वारदात करने वाले युवकों को देखा और उनका विरोध भी किया। हालांकि पुलिस को उस कहानी पर शक है, इसलिए उससे डीसी कार्यालय में ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
...साख बचाने को पुलिस ने रची अलग कहानी
वहीं मोगा पुलिस ने इस शर्मनाक घटना में अपनी साख बचाने के लिए एक अलग कहानी रच डाली। एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने दावा किया कि सुरक्षा प्रबंधों में कोई कमी नहीं थी। एक संतरी डीसी कार्यालय में तैनात था वहीं दो मुलाजिम गेट पर भी थे। घटना को अंजाम देने आए युवकों का संतरी ने विरोध किया था और संतरी आरोपी युवकों को पीछे भी भागा था। वहीं जिस संतरी की एसएसपी बात कर रहे थे, उस संतरी को तो मीडिया कर्मियों से पता चला कि डीसी कार्यालय की चौथी मंजिल पर कोई आपत्तिजनक झंडा लगाकर बाहर से तिरंगा चोरी करके ले गया है।
प्रबंधकीय कांप्लेक्स में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लेने समेत प्रबंधकीय कांप्लेक्स से बाहर जाने वाले हर रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है और इसके साथ ही थाना सिटी में अज्ञात युवकों के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्रबंधकीय कांप्लेक्स की सीसीटीवी फुटेज में एक सिख युवक और एक मोना युवक कांप्लेक्स में दाखिल हुए और दोनों युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हरमनबीर सिंह गिल, एसएसपी
मोगा के मिनी सचिवालय की छत पर शुक्रवार को खालिस्तान समर्थकों की ओर से लगाए गए झंडे के बाद बठिंडा में प्रशासनिक अधिकारियों ने मिनी सचिवालय के गेटों पर ताले लगवा दिए। एसएसपी कार्यालय की तरफ खुले सचिवालय गेट पर पुलिस ने नाका लगाकर सचिवालय के अंदर आने वाले हर शख्स की चेकिंग की। इसके अलावा जिला प्रशासन ने सचिवालय की छत पर जाने वाले रास्ते पर चार पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया। डीसी बी श्रीनिवासन ने बताया कि जैसे ही मोगा की घटना उनके ध्यान में आई तो उन्होंने सचिवालय के गेट को बंद करवा दिए।
जालंधर में राष्ट्रीय ध्वज की बढ़ाई गई सुरक्षा
मोगा के जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में डीसी ऑफिस के बाहर लगे राष्ट्रीय ध्वज को उतारकर आपत्तिजनक का झंडा फहराने की घटना से जालंधर जिला प्रशासन सतर्क हो गया। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, उसके तुरंत बाद डीसी दफ्तर के सिक्योरिटी इंचार्ज ने पूरे परिसर का दौरा किया और डीसी दफ्तर के मेन गेट की तरफ लगे राष्ट्रीय ध्वज की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। इसके अलावा गेट पर भी सिक्योरिटी बढ़ा दी गई, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना पूरी पूछताछ के अंदर न आ सके।
जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स में होमगार्ड दफ्तर के बाहर भी राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ है। वहां भी होमगार्ड अधिकारियों को सूचना देकर सतर्क कर दिया गया है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति झंडे के करीब ना जा सके। वहीं राज्य सरकार के खुफिया विभाग भी राष्ट्रीय ध्वज की सुरक्षा को लेकर मोगा में बरती गई लापरवाही के मद्देनजर यहां भी निगाह रख रहे हैं, ताकि मोगा जैसी हरकत जालंधर में न हो सके।
वहीं घटना के बाद जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर भी पुलिस चौकस हो गई है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने सभी अधिकारियों की मीटिंग बुलाई है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और शरारती तत्व समागम स्थल के नजदीक न पहुंच सके, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता प्रबंध किया गया है।
पटियाला: 'खालिस्तानी झंडा लहराने वाले गिरफ्तार हों'
मोगा में डिप्टी कमिश्नर ऑफिस की चौथी मंजिल पर सरकारी मशीनरी को ठेंगा दिखाते हुए शरारती तत्वों ने खालिस्तान का झंडा फहरा कर स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले पंजाब में खौफ पैदा करने की साजिश रची है। जिसे श्री हिंदू तख्त कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हिंदू सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा श्री हिंदू तख्त के धर्माधीश तथा कामाख्या पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज ने कहा है कि डिप्टी कमिश्नर ऑफिस पर खालिस्तानी झंडा लहराने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर देशद्रोह का पर्चा दर्ज किया जाए।
राष्ट्रविरोधी संगठनों की तरफ से 15 दिन पहले दी गई चेतावनी के बावजूद जिले की सर्वोच्च प्रशासनिक इमारत पर इस तरह खालिस्तानी झंडा फहरा दिया गया और पुलिस प्रशासन इस घटना के बाद जागा। जगद्गुरु पंचानंद गिरि ने कहा कि इस घटना के चलते मोगा के पुलिस प्रशासन पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आजादी दिवस से ठीक एक दिन पहले देश विरोधी ताकतों की ओर से डिप्टी कमिश्नर ऑफिस की बिल्डिंग पर केसरी झंडा कैसे लहरा दिया गया।