सिटी ब्यूटीफुल में ऑटो चालकों से ‘खाकी टैक्स’ वसूला जा रहा है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी व होमगार्ड खुद 10 रुपये की पर्ची काटकर अवैध वसूली में लगे हैं। सवाल यह है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी कैसे पंचकूला और मोहाली से आने वाले ऑटो को रोकेगी, जब पुलिसकर्मी खुद ही उन्हें शह दे रहे हैं। अमर उजाला के स्टिंग में इसका खुलासा हुआ है।
इसमें चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सिपाही हरियाणा (पंचकूला) और पंजाब (मोहाली) नंबर के ऑटो चालकों से चंडीगढ़ में एंट्री केलिए 10-10 रुपये की अवैध पर्ची वसूली करते कैमरे में कैद हुए हैं। ऑटो चालक मजबूरन अपना मुंह बंद किए हुए हैं।
ऑटो यूनियन की शिकायत पर किया स्टिंग ऑपरेशन
बुधवार को अमर उजाला के संवाददाता ने नयागांव (पंजाब) से सुबह 9.30 बजे पीजीआई के गेट नंबर-2 पर पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा से सफर किया। जैसे ही ऑटो रिक्शा पीजीआई के गेट नंबर-2 पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद ट्रैफिक पुलिस का एक जवान सभी ऑटो रिक्शा को जबरन रोक कर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस प्री पेड के नाम से पर्ची काट रहा था।
ट्रैफिक पुलिस के जवान सुरेंद्र से जब 10-10 रुपये की पर्ची काटने को लेकर सवाल किया गया, तो कांस्टेबल सुरेंद्र ने कहा कि अधिकारियों के कहने पर यह पर्ची काटी जा रही है। स्टिंग में यह भी सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस के जवान मोहाली और पंचकूला के टेंपरेरी नंबर के ऑटो रिक्शा की भी शहर में एंट्री के लिए 10-10 रुपये की पर्ची काट रहे थे।
विशेष नोट:
पहचान गुप्त रखने के लिए हम उन ऑटो चालकों के नाम का खुलासा नहीं कर रहे हैं, जिन्हें स्टिंग में शामिल किया गया है। लेकिन अमर उजाला संवाददाता के पास इस स्टिंग से जुड़े सारे तथ्य मौजूद हैं, जोकि यह साबित करते हैं कि ट्रैफिक पुलिस ऑटो चालकों से प्री पेड बूथ सर्विस के नाम पर 10-10 रुपये की अवैध पर्ची काट रही है।
खाली ऑटो रिक्शा की भी पुलिस काट रही पर्ची
नियमों के मुताबिक जो पैसेंजर आटो रिक्शा प्री पेड बूथ सर्विस लेते हैं, सिर्फ उनसे ही तीन रुपये की पर्ची काटी जा सकती ह,ै लेकिन ट्रैफिक पुलिस खाली ऑटो रिक्शा चालकों से भी 10-10 रुपये की पर्ची काट कर वसूली कर रही है।
इन प्वाइंट्स पर ऑटो रिक्शा की काटी जा रही 10-10 रुपये की पर्ची
-पीजीआई ओल्ड गेट सेक्टर-12
-न्यू ओपीडी गेट पीजीआई सेक्टर-12
-सेक्टर-22 मार्केट अंडरपास सबवे के पास
-चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर
-सुखना लेक
-रॉक गार्डन
-सेक्टर-17 और 43 आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर
-पीजीआई के गेट नंबर-1 और 2 के बाहर
-ट्रिब्यून चौक पर
-नयागांव और पीजीआई के मुख्य मार्ग पर
-जीएमसीएच-32 अस्पताल के बाहर
-जीएमएसएच-16 अस्पताल के बाहर
प्री पेड ऑटो रिक्शा का क्या है नियम:
ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा पैसेंजरों से किराए की अवैध वसूली रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे शहर में प्री पेड ऑटो रिक्शा स्टैंड शुरू किया था। प्री पेड ऑटो रिक्शा स्टैंड के लिए यूटी प्रशासन की ओर से बाकायदा नियम बनाए गए हैं।
प्री पेड ऑटो रिक्शा को लेकर यूटी प्रशासन व पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक हर प्री पेड ऑटो रिक्शा स्टैॅंड पर फेयर चार्ट लगाया गया है। इसमें शहर के एक डेस्टिनेशन से दूसरे डेस्टिनेशन पर जाने के लिए अलग-अलग किराए तय किए गए हैं।
पैसेंजरों को ऑटो रिक्शा चालकों की अवैध वसूली से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से किराया तय किया गया है। नियमों के मुताबिक ऑटो रिक्शा प्री पेड बूथ सर्विस चुनने के लिए पैसेंजर से मात्र 3 रुपये अतिरिक्त लिए जा सकते हैं। लेकिन यूटी ट्रैफिक पुलिस ऑटो रिक्शा प्री पेड बूथ की आड़ में 10-10 रुपये की पर्ची काटकर महीने में लाखों रुपये की वसूली कर रही है। और यह सभी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर हो रहा है।
5500 ऑटो रजिस्टर्ड, ट्रैफिक पुलिस की महीने की ऊपरी कमाई करीब 16 लाख रुपये
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एडिशनल सेक्रेटरी राजीव तिवारी ने बताया कि चंडीगढ़ में 5500 ऑटो रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। जबकि पंचकूला और मोहाली से रोजाना 3 हजार ऑटो चंडीगढ़ में आते हैं।
अगर ऑटो रिक्शा प्री पेड बूथ के चल रहे स्कैम की बात करें तो रोजाना ट्रैफिक पुलिस चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड ऑटो रिक्शा चालकों से 10-10 रुपये की पर्ची काटकर 55 हजार रुपये एक दिन में कमा रही है, वहीं महीने के हिसाब से जोड़ें तो इस हिसाब से ट्रैफिक पुलिस महीने में 16 लाख 50 हजार रुपये की वसूली कर रही है। जबकि 3 हजार ऑटो रिक्शा रोजाना पंचकूला और मोहाली से शहर में एंट्री करते हैं। इनसे भी ट्रैफिक पुलिस प्री पेड बूथ की पर्ची काट कर 10-10 रुपये वसूल करती है।
ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो रिक्शा चालकों से किसी भी प्रकार की 10-10 रुपये की पर्ची काटने के लिए नहीं कहा है। इस बारे में ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी या पुलिस प्रशासन के अफसर जानकारी दे सक ते हैं।
- राजीव अमबस्ता, डीएसपी ट्रैफिक
ऑटो रिक्शा प्रीपेड बूथ किस तरह ऑपरेट किए जा रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। यदि अवैध वसूली हो रही है तो इसकी जांच डीएसपी से कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी, चंडीगढ़ पुलिस।