खडूर साहिब उपचुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की गैर मौजूदगी में अकाली दल की जीत साफ है। इसकेबावजूद पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। उपचुनाव केलिए शिअद ने पूरी ताकत झोंक दी है।
आप ने पहले ही खडूर साहिब उपचुनाव न लड़ने का एलान कर दिया था। बाद में कांग्रेस ने भी चुनाव का बायकॉट कर दिया। अब शिअद केरविंदर ब्रह्मपुरा के सामने कोई चुनौती नहीं है, लेकिन हलके केलोगों में चुनाव को लेकर कोई उत्साह न होना शिअद के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि हलके के लोग बायकॉट का समर्थन करते हुए चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, स्वराज अभियान ने एलान किया है कि लोगों को नोटा के लिए प्रेरित किया जाएगा। अगर मतदान कम होता है तो मैसेज शिअद केखिलाफ जा सकता है।
इसलिए पार्टी ने सभी नेताओं को आगाह किया है कि लोगों को प्रोत्साहित कर ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करवाई जाए। पार्टी ने खडूर साहिब हलके को 25 जोन में बांटा है। सभी बड़े नेताओं को एक-एक जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जोकि गांवों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
पार्टी के मुख्य चुनाव दफ्तर के इंचार्ज व शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने हलके में डेरा डाल दिया है। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी हलके में चार दिन रैलियां करेंगे। सुखबीर का पहला दौरा 3-4 फरवरी को होगा। वह दोनों दिन अलग-अलग जोन में नौ-नौ चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का दौरा अभी तय नहीं हुआ है।