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Chandigarh News: खुद को रखो फिट, तभी हर क्षेत्र हो पाओगे हिट

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चंडीगढ़। सफलता के लिए मेहनत, लक्ष्य पर फोकस और स्वीकार्यता को गुण को अपनाना होगा। मुझे स्वर्ण पदक लाने में तीन ओलंपिक लग गए। आप इससे ही यह अनुमान लगा सकते हैं कि मौजूदा समय में कितनी प्रतिस्पर्धा है। मेरा मानना है कि जब तक हम खुद को फिट नहीं करेंगे, तब तक खेल ही नहीं किसी भी क्षेत्र में सफल हो पाना संभव नहीं है। इसलिए खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए सबसे पहले अपनी सेहत पर ध्यान दीजिए। क्योंकि स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन ही खेल की सफलता को सुनिश्चित करने में कारगर साबित हो सकती है। यह बातें ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी (निशानेबाज) अभिनव बिंद्रा ने रविवार को इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक स्थित एक होटल में आयोजित स्वीट डायबिटीज फाउंडेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंनें डाक्टरी समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कि खेल प्रबंधन में शुरू से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स और मेडिसन एक दूसरे के लिए बने हैं और खेल की निर्भरता स्वास्थ्य जगत पर बनी रहेगी। बिंद्रा ने आयोजकों द्वारा गठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी वितरित किएए जिसमें डॉ. बीएस भाटिया और डाॅ. सरिता बजाज को सम्मानित किया गया।
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याददाश्त हो रही हो कमजोर तो कराएं थायराइड की जांच

इस अवसर पर इंडियन थायरॉयड सोसायटी की अध्यक्ष व इंडोब्राइनोलॉजिस्ट डॉ. सरिता बजाज ने कहा कि थायरॉयड के कारण याददाश्त भी कमजोर हो सकती है। क्योंकि थायरॉयड हार्मोन न्यूरोलॉजिकल फंग्शनिंग में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए उसकी कमी के कारण याददाश्त पर असर पड़ना लाजमी है। डॉ. सरिता का कहना है कि ये लक्षण सामने आने पर बिना देरी थायरॉयड की जांच करानी चाहिए। उन्होंने खासतौर पर युवाओं को सचेत किया। उनका कहना है कि अगर शक्ति लगातार कम हो रही हो और चीजें भूल रहे हो तो संभल जाए। क्योंकि ये थायरॉयड के कारण हो सकता है। डॉ. सरिता का कहना है कि युवाओं पर इसका ज्यादा खतरा है क्योंकि उनमें हार्मोन का बदलाव तेजी से होता है।
अन्य विशेषज्ञों ने भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डाॅ एचके बाली कार्डियो रिनल डैमेज जबकि डॉ विकास भूटानी ने एचएफआरईएफ मैनेजमेंट पर अपनी प्रेजेंटेशन दी। डॉ गुरसरन सिद्धू और डा राजेश जैन ने अपने सत्र में हाइपरटेंशन के अंदेशो, स्क्रीनिंग और इसके निदान पर चर्चा की। एक अन्य सत्र में मोटिवेशनल स्पीकर व पूर्व आईएएस अधिकारी विवेक अत्रेय ने ओवरथिंकिंग से बचने के सार्थक गुर सुझाये।
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