कठुआ रेप और हत्याकांड के मामले में सोमवार को अदालत में उस वक्त सभी हक्के बक्के रह गए जब मृतका के बालों वाला सीलबंद लिफाफा खोलने पर वह खाली निकला। यह कहना है बचाव पक्ष के वकील एके साहनी का। वकील एके साहनी ने बताया कि सोमवार को 10वें गवाह की गवाही होनी थी। 10वां गवाह एक महिला डीएसपी के पीए हैं। उनकी सोमवार को उनसे जिरह हुई। उन्हीं ने वारदात स्थल से मृतका के बाल एकत्र किए थे। महिला डीएसपी एसआईटी की सदस्य थीं और मामले में उन्हीं की गवाही होनी चाहिए थी लेकिन उनके पीए की गवाही कराई गई।
इसी दौरान फोरेंसिक साइंटिफिक लैब से जारी पीले रंग के लिफाफे में लगी सात मोहरबंद सीलें खोलीं गईं तो उसमें से एक सफेद कागज और प्लास्टिक का लिफाफा निकला। खोलने पर प्लास्टिक का लिफाफा भी खाली पाया गया। इस सीलबंद लिफाफे को खोलने की प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का समय लगा। वकील साहनी के मुताबिक सेशन जज तजविंदर सिंह ने अभियोजन पक्ष के वकील एसएस बसरा को पूरे दस्तावेज लेकर मंगलवार को कोर्ट में पेश करने को कहा।
सेशन जज ने कहा कि अब वे अपने अफसरों से जानकारी लें या क्राइम ब्रांच से, यह उन्हें बताना होगा कि मृतका के सारे सात बाल कहां गए? इस संबंध में वकील बसरा ने कहा कि उन्होंने ही कोर्ट से जांच की मांग की थी, क्योंकि वारदात स्थल से बरामद बालों को फोरेंसिक लैब की ओर से डीएनए जांच में इस्तेमाल कर लिया गया है। इस संबंध में लैब ने उन्हें पत्र भी लिखकर दिया है। लैब एक्सपर्ट कह रहे हैं कि सभी बाल मृतका के थे।
हमें पता हो कि जिरह किसके साथ करनी है : साहनी
वहीं कठुआ रेप और हत्याकांड के मामले में सोमवार को बचाव पक्ष के वकीलों ने अभियोजन पक्ष के वकील एसएस बसरा को नोटिस दिया कि वह क्यों गवाहों के नाम उन्हें देने से परहेज कर रहे हैं। वे इस तरह करेंगे तो यह अनफेयर ट्रायल साबित होगा। साहनी ने कहा कि बेशक हमें एक दिन पहले गवाह के बारे में जानकारी दें, ताकि पता हो कि हमें जिरह किसके साथ करनी है। इस संबंध में वकील बसरा ने कहा कि हमने पहले ही बचाव पक्ष को पूरी लिस्ट दे रखी है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना मुख्य मुद्दा है। बाकी हम अपना जवाब उन्हें दो दिन बाद लिखित में दे देंगे।