कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस के सभी छह दोषियों की उम्रकैद की सजा को फांसी की सजा में तब्दील करने और बरी किए गए आरोपी को दोषी करार दिए जाने की मांग की गई है। मामले में पीड़िता के पिता ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार, विशाल जंगोत्रा व अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गुरुवार को जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा ने कहा कि उन्हें कुछ समय दिया जाए। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जेएस बेदी ने भी कुछ समय और दिए जाने की मांग की। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद न्यायमूर्ति राजीव शर्मा ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है, जिस पर जल्द सुनवाई जरुरी है। लिहाजा खंडपीठ नोटिस जारी करती है।
शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील आरएस बैंस ने सबसे पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए गए विशाल जंगोत्रा को दोषी करार दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने विशाल को बेहद मामूली सबूत के आधार पर बरी कर दिया, जबकि वह इस केस का मुख्य आरोपी था।
मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को भी कम बताते हुए इन्हें फांसी दिए जाने की मांग भी की गई। इनके अलावा पुलिस अधिकारी सुरेंदर शर्मा, हेड कॉस्टेबल तिलक राज और उपनिरीक्षक आनंद दत्ता को सुनाई गई पांच-पांच साल की सजा को भी कम बताते हुए ज्यादा सजा दिए जाने की मांग की गई।
बता दें कि पठानकोट की सेशन कोर्ट ने मामले के सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं पुलिस अधिकारी सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल की कैद की सजा दी गई है। सजा के इस फैसले के खिलाफ सभी छह दोषी हाईकोर्ट में पहले से ही अपील दायर कर चुके हैं।