पठाकोट की सेशन कोर्ट ने इस मामले के 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांजी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पुलिस ऑफिसर सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल की कैद की सजा दी गई है।
यह है मामला
गत वर्ष यह मामले के सामने आने के बाद से ही पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था। गौरतलब है कि गत वर्ष 10 जनवरी को कठुआ के एक गांव की एक बच्ची अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन बच्ची के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी थी। 17 जनवरी को पुलिस को बच्ची का शव मिला।
शव मिलने के अगले ही दिन पुलिस ने इस मामले में एक 15 साल के नाबालिग युवक को गिरफ्तार किया। बाद में इस आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य की गिरफ्तारियां हुई थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का ट्रायल जम्मू-कश्मीर की बजाय पठानकोट में चलाने के आदेश दे दिए थे। पठानकोट की जिला अदालत ने 10 जून को इस मामले के 7 में 6 आरोपियों को दोषी करार दे सजा सुना दी थी।