कश्मीरी होने के कारण पीजीआई पर इलाज न करने का आरोप
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कश्मीरी का इलाज नहीं करने के मामले में सोमवार को न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी ने डायरेक्टर को अपनी सफाई दी। एचओडी एसके गुप्ता ने बताया कि उनके डिपार्टमेंट के किसी डॉक्टर ने कश्मीर की महिला से दुर्व्यवहार नहीं किया है। जिस प्रोफेसर पर आरोप लगाया जा रहा है, वे उस दिन छुट्टी पर थे। साथ ही यह भी कहा है कि यदि मरीज उनसे संपर्क करता है तो उनके इलाज में मदद की जाएगी। डायरेक्टर जगतराम ने अब डिपार्टमेंट से लिखित में जवाब मांगा है।
शनिवार को श्रीनगर की एक महिला मरीज ने पीजीआई के एक डॉक्टर पर कश्मीरी होने के कारण इलाज न करने का आरोप लगाया है। महिला के बेटे जावेद मलिक ने बताया कि उनकी मां नसरीना मलिक (55) को श्रीनगर के एसकेआईएमएस से पीजीआई रेफर किया गया था। वीरवार को न्यूरोसर्जरी की ओपीडी में पहुंचे। जावेद का आरोप है कि डॉक्टर ने जब पर्ची में कश्मीर का पता देखा तो वे भड़क गए।
युवक के मुताबिक डॉक्टर ने उनसे कहा कि कश्मीर में हमारे जवानों को पत्थर मारते हो और इलाज के लिए यहां आते हो। यह भी आरोप लगाया गया था कि पूरे इलाज में 80 हजार रुपये लगने थे, लेकिन डॉक्टर ने इलाज का खर्च 15 लाख बताया। डॉक्टर के व्यवहार से परेशान होकर वे लौट आए। श्रीनगर में जब यह बात पता चली तो सोशल मीडिया में वायरल होकर पूरे देश में फैल गई।