मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान कश्मीर समस्या पर केंद्रित सेशन कश्मीर समस्या निदान और उपाय बताते हुए विशेषज्ञों ने अलग-अलग विचार रखे। उनका कहा कि सेना कश्मीर समस्या से निपटने के लिए सफलतम भूमिका निभा रही है, पर इसका हल तभी संभव होगा जबकि इसको समग्र ढंग से देखा जाए। राजनीति से ही इसका हल संभव है।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हुसैन ने कहा कि कश्मीर एक बड़ी समस्या है, जहां भारतीय सेना अपनी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सेना सीमा पार घुसपैठ को नियंत्रित करने में सक्षम है। सेना ने इस क्षेत्र में शांति बनाने में अहम योगदान दिया है।
राज्यपाल शासन में कश्मीर की स्थिति काफी सुधरी
इस मौके पर रॉ के पूर्व चीफ एएस दुल्लत ने कहा कि मौजूदा राज्यपाल शासन के चलते कश्मीर की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। यहां आतंकवाद विरोधी अभियानों की भूमिका अच्छी रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीर कानून और व्यवस्था या आर्थिक समस्या न होकर एक राजनीतिक भावनात्मक समस्या है, जिसे निपटाया जाना चाहिए।
कश्मीर मोर्चे पर भारत सरकार से कुछ गलतियां हुईं: तवलीन सिंह
प्रसिद्ध लेखक और स्तंभकार तवलीन सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कश्मीर के मोर्चे पर कुछ गलतियां अवश्य हुई हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सेना ने अपनी भूमिका बहुत अच्छी निभाई है, पर राजनेता कश्मीर समस्या से निपटने में बुरी तरह विफल रहे। कश्मीरियों को बाढ़ से बचाने और राहत पहुंचाने में सेना की भूमिका सराहनीय रही।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एमसी भंडारी ने कश्मीर समस्या को सुरक्षा समस्या के रूप में नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक, राजनीतिक, क्षेत्रीय, विचारधारात्मक और इसके अलावा दो देशों की अहंकार की समस्या के रूप में वर्णित किया।