पानीपत में जाम लगाते ग्रामीण और तीनों बच्चों की फाइल फोटो।
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पानीपत के बिझौल गांव में तीन बच्चों की हत्या के आरोपों की जांच रिपोर्ट एसपी करनाल ने गृह मंत्री अनिल विज को सौंप दी है। इस मामले में एफएसएल से जांच रिपोर्ट आने के बाद बच्चों की मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई है कि जिन व्यक्तियों पर पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उन व्यक्तियों पर यह धारा हटा दी जाए।
घटना 7 जुलाई की है, जब बिंझौल के तीन बच्चे वंश (10), वरुण (9) और लक्ष्य (8) अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद देर रात करीब 3 बजे उनके शव रजवाहे में मिले थे। आरोप है कि जब वो पतंग के लिए डोर खोज रहे थे तो डाई हाउस के कर्मचारी ने देख लिया। फिर उसने बच्चों की हत्या कर दी और डाई हाउस के पीछे बहने वाली माइनर में फेंक दिया। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था।
30 जुलाई को ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। जाम होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार का प्रयोग किया। वहीं ग्रामीणों की तरफ से भी पथराव किया गया। इस दौरान पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया तो नाराजगी और बढ़ गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने एसआईटी को गांव में आने से रोक दिया।
ग्रामीणों ने एसपी करनाल से मुलाकात करके 14 प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात की। घटना के अगले दिन ही विज ने पानीपत पुलिस से स्पष्टीकरण मांग लिया। बात जब स्पष्टीकरण से नहीं बनी तो विज ने मामले की जांच करनाल पुलिस अधीक्षक को देकर जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा। एक माह के अंदर ही यह रिपोर्ट विज के पास आ गई है।
करनाल एसपी की रिपोर्ट मेरे पास आ गई है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। अनिल विज, गृह मंत्री