टिकट बंटवारे पर भाजपा के अंदर मची कलह कम नहीं हो रही है। बाहरी प्रत्याशियों के मुद्दे पर चल रही बगावत में स्थानीय नेताओं के साथ-साथ करनाल के सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा ने भी सुर मिलाते हुए अमर उजाला से विशेष्ा बातचीत में कहा है कि करनाल और पानीपत की कुल नौ विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची उनसे मांगी गई थी, लेकिन सूची सौंपने से पहले ही तीन प्रत्याशियों को टिकट थमा दिए गए। भाजपा ने करनाल से मनोहर लाल खट्टर, असंध से बख्शीश सिंह विर्क और पानीपत ग्रामीण सीट से महिपाल ढांडा को मैदान में उतारा है।
कमेटी के सदस्यों पर सवाल उठाए
चोपड़ा ने टिकट बंटवारे के लिए बनाई गई पार्टी कमेटी के सदस्यों पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा है कि यदि इस तरह सांसद की सहमति के बगैर प्रत्याशी तय किए जाएंगे तो सांसद की प्रतिष्ठा नहीं रहेगी। जाहिर है मनोहर लाल खट्टर, बख्शीश सिंह विर्क और महिपाल ढांडा की उम्मीदवारी से चोपड़ा खुश नहीं हैं।
चोपड़ा पहले भी पार्टी को पत्र लिखकर टिकट बंटवारे में परिवारवाद पर सवाल उठा चुके हैं। उधर, हरियाणा में भाजपा प्रत्याशियों का कई जगह विरोध हो रहा है।
असंध में भी स्थानीय नेता बख्शीश सिंह विर्क के पुतले जला रहे हैं, वहीं करनाल में मनोहर लाल खट्टर को काले रंग के बैनर दिखाकर और बाहरी भगाओ के पोस्टर चस्पां कर विरोध जता रहे हैं। महेंद्रगढ़ में प्रदेश पार्टी प्रधान राम बिलास शर्मा के निवास पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
टिकट बंटवारे पर जता चुके हैं नाराजगी
अश्विनी चोपड़ा प्रदेश में भाजपा की पहली सूची जारी होने के साथ ही अपनी नाराजगी जता चुके हैं। बुधवार को उन्होंने पार्टी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
खट्टर और चोपड़ा के खिलाफ पोस्टर
करनाल से प्रत्याशी मनोहर लाल खट्टर और सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा के खिलाफ भी रविवार को आवाज उठी। बगैर नाम से दोनों के खिलाफ बाहरी नेताओं की संज्ञा देकर पोस्टर बंटवाए गए हैं।
इनमें लिखा है - ‘पहले लोकसभा चुनाव में करनाल के लोगों के साथ धोखा हुआ’। ‘वोट करनाल की जनता के और सांसद से मिलने का पता नई दिल्ली का’।
अब विधानसभा चुनाव में करनाल को छलने आया नया छलिया। डीसी बलराज सिंह ने कहा कि बगैर प्रिंटिंग प्रेस के नाम से पोस्टर छापना अपराध है। इसकी जांच करवाई जाएगी।