पुलिस सूत्रों से पता चला है कि इस हत्या में शामिल आरोपियों की तलाश में पुलिस चंडीगढ़ पहुंची थी, वे गेटअप बदलकर छुप रहे हैं। कभी वे मुस्लिम तो कभी पंजाबी के गेटअप बदलकर पुलिस की नजरों से बच रहे हैं। पुलिस की माने तो उनके मोबाइल की लोकेशन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन इलाके में पाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा।
मैसेज फ्लैश होने के बाद पंजाब, यूटी व हरियाणा पुलिस हुई अलर्ट
लखनऊ के आईजी एसके भगत का मैसेज यूटी, पंजाब, जीआरपी व आरपीएफ पुलिस के आला अधिकारियों को मिला। मैसेज मिलते ही यहां की पुलिस भी अलर्ट गई थी। शनिवार की देर शाम संयुक्त ऑपरेशन में यहां की पुलिस ने यूपी और गुजरात पुलिस का साथ दिया।
एसआईटी कर रही है, मामले की जांच
कमलेश तिवारी हत्याकांड की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया है। इसमें लखनऊ के आईजी एसके भगत, लखनऊ के क्राइम एसपी दिनेश पुरी और एसटीएफ के डिप्टी एसपी पीके मिश्रा शामिल हैं। वे इस मामले की जांच कर रहे हैं।
पैगंबर साहिब को लेकर की विवादित टिप्पणी के बाद हुई थी कमलेश की हत्या
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी पर शुक्रवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े चाकू से हमला कर दिया था। उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि कमलेश की हत्या का कारण पैगंबर साहिब को लेकर दिए गए विवादित टिप्पणी थी। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद काजमी और हक ने 2016 में कमलेश का सिर कलम करने पर क्रमश: 51 लाख और डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।