विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला हेरीटेज सेक्शन पर पिछले काफी समय से कोच की कमी से जूझ रही टॉय ट्रेन में अब कोच की कमी नहीं रहेगी। गौरतलब है कि रेलवे वर्कशाप में कोच तो तैयार कर लिए गए थे, परंतु इसके लिए व्हीलस उपलब्ध नहीं थीं।
व्हीलस की कमी के चलते वर्कशाप में तैयार किए गए कोच भी सफेद हाथी साबित हो रहे थे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक टॉय ट्रेन के लिए कुल 112 व्हीलस मंगवाए जा चुके हैं, जिनमें से दिसंबर माह में 8, जनवरी माह में 51 और इस बार 53 व्हीलस मंगवाए गए हैं। बता दें कि एक कोच में कुल 8 व्हीलस लगते हैं। ऐसे में इस सीजन में स्पेशल टॉय ट्रेन चलने की संभावना भी बढ़ गई है।
कालका वर्कशाप में व्हीलस की कमी लगभग पूरी हो गई है। वर्कशाप में आए व्हीलसस से कम से कम 10 नए कोच कालका-शिमला रूट पर चलने वाली गाड़ियों में जोड़े जा सकते हैं।
हरदेव सिंह (ए.डबल्यू.एम. रेलवे वर्कशाप कालका)