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103 सुरंगें और 969 पुल: 121 साल से सुनाई दे रही है छुक-छुक...पहाड़ों के सर्पिले ट्रैक से गुजरती है ये ट्रेन

Sat, 09 Nov 2024 01:17 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

103 सुरंगें और 969 पुल... यह कालका शिमला वर्ल्ड हेरिटेज ट्रैक में आते हैं। पहाड़ों के सर्पिले ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन पर रोमांचित कर देने वाला सफर हर किसी के लिए यादगार बन जाता है। इस ट्रैक को आज 121 साल पूरे हो गए हैं।
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कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चंडीगढ़ से मात्र 120 किमी. दूर पहाड़ों की रानी शिमला जाने के लिए टूरिस्ट खाते उत्साहित रहते हैं। सबसे ज्यादा क्रेज कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर छुक-छुक चलती ट्रेन का रहता है। क्योंकि यह ट्रेन 103 सुरंगों से होकर गुजरती है। इसके अलावा इस ट्रैक पर छोटे बड़े कुल 969 पुल भी हैं। इस खूबसूरत मार्ग का सफर करने के लिए देश से ही नही बल्कि, विदेश से भी सैलानी सफर करने के लिए कालका रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं।

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आज कालका-शिमला रेलमार्ग के 121 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस खास अवसर पर कालका रेलवे स्टेशन पर एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। रेलवे गार्ड राज सिंह दहिया ने बताया कि प्रदर्शनी में कालका-शिमला रेलमार्ग के इतिहास को संजोए हुई यादें, पुराने इंजन की तस्वीरें, गत्ते के रेल टिकट, सिक्के, डाक टिकटें एवं करेंसी नोट वो भी यूनिक नंबर 786 से संबंधित सहित अन्य सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।

121 साल पुराना है कालका शिमला रेलवे मार्ग
कालका-शिमला रेलवे मार्ग 121 साल पुराना है। 9 नवंबर 1903 को कालका- शिमला रेल मार्ग की शुरूआत हुई थी। यह रेलमार्ग उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन के अंतर्गत आता है। 1896 में इस रेल मार्ग को बनाने का कार्य दिल्ली-अंबाला कंपनी को सौंपा गया था। रेलमार्ग कालका स्टेशन (656 मीटर) से शिमला (2,076 मीटर) तक जाता है। 96 किमी. लंबे इस रेलमार्ग पर 18 स्टेशन है। साल 1921 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी इस मार्ग से यात्रा की थी।

बॉलीवुड के लिए रहा है आकर्षण का केंद्र

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कालका-शिमला रेललाइन बॉलीवुड के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। 1974 में सुपरहिट फिल्म दोस्त का गाना गाड़ी बुला रही है इसी मार्ग पर फिल्माया गया था। 1960 में शम्मी कपूर की फिल्म ब्वाय फ्रेंड का गाना मुझको अपना बना लो... कालका-शिमला रेलमार्ग पर शूट हुआ था। साल 2000 में प्रीति जिंटा की फिल्म क्या कहना के साथ ऑल इज वेल, जब वी मेट, सनम रे और रमैया वस्तावैया जैसी फिल्मों की शूटिंग इस ट्रैक पर हो चुकी है।

103 सुरंगें से ट्रेन को गुजरते देख रोमांचित हो उठते हैं यात्री
कालका-शिमला रेलवे लाइन पर 103 सुरंगें है, जो इस सफर को काफी रोमांचक बना देती हैं। बड़ोग रेलवे स्टेशन पर 33 नंबर बड़ोग सुरंग सबसे लंबी है जिसकी लंबाई 1143.61 मीटर है। सुरंग क्रॉस करने में टॉय ट्रेन अढ़ाई मिनट का समय लेती है। रेलमार्ग पर 869 छोटे-बड़े पुल है जिस पर सफर और भी रोमांचक हो जाता है। कालका-शिमला रेलमार्ग को नैरोगेज लाइन कहते हैं। इसमें पटरी की चौड़ाई दो फीट छह इंच है।

साल 2008 में यूनेस्को ने दिया था वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा
कालका-शिमला रेलवे लाइन को यूनेस्को ने जुलाई 2008 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया था। इसी रूट पर कनोह रेलवे स्टेशन पर ऐतिहासिक आर्च गैलरी पुल 1898 में बना था। शिमला जाते हुए यह पुल 64.76 किमी पर मौजूद है। आर्च शैली में निर्मित चार मंजिला पुल में 34 मेहराबें हैं। इस ट्रैक पर विस्टाडोम, टॉय ट्रेन और स्पेशल ट्रेनें सैलानियों के लिए चलाई जाती है।

गति बढ़ाने को लेकर प्रयास जारी
कालका-शिमला रेलमार्ग पर ट्रेन की गति बढ़ाने को लेकर लगातार विभाग प्रयासरत है। इसको लेकर कई बार कालका-शिमला रेल लाइन पर नए कोचों के साथ ट्रायल किए जा चुके हैं। फिलहाल यहां पर चलने वाली रेल गाड़ियां 22 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं। लेकिन इस रूट पर जल्द ही पैनारोमिक कोचों वाली ट्रेन को 25 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने की योजना है। रेलवे पांच से छह घंटे में पूरा होने वाले कालका से शिमला के 96 किलामीटर के सफर को तीन घंटे में पूरा करने की संभावनाएं तलाश रहा है।

पैनारोमिक कोच व ट्रेन सेट के सफर को लेकर सैलानी उतावले
कालका-शिमला रेलमार्ग पर डिजाइनर पैनारोमिक कोच के ट्रायल सफल होने के बाद जल्द इसे इस रूट पर चलते देखा जा सकता है। लाल रंग और काले शीशे वाले पैनारोमिक कोच देखने में बहुत ही सुंदर हैं। कोच में बड़ी-बड़ी खिड़कियां लगी हैं, जिनसे यात्री पहाड़ों का नजारा देख सकते हैं।

कोच में बैठ सकेंगे 80 यात्री
पैनारोमिक कोच साउंड प्रूफ है जिसके चलते बाहर का शोर अंदर सुनाई न देगा। इस कोच में अपग्रेडेड ब्रेक सिस्टम और हल्के वजन का शैल होता है। वहीं ट्रेन सेट या सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट जिसे इंजन रहित ट्रेन भी कहते हैं का सफर करने के लिए सैलानी बेचैन हैं। ट्रेन सेट में तीन कोच लगे हैं इसमें 80 यात्री बैठ सकेंगे। इसमें कोच के अंदर ही इंजन लगे हैं। ट्रेन सेट में सुविधाजनक सीटों के अलावा, एसी, हीटर, एलईडी व डिस्प्ले बोर्ड की सुविधा भी उपलब्ध है।
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फिलहाल पांच ट्रेनें दौड़ रही हैं इस ट्रैक पर
  •  मेल एक्सप्रेस- ट्रेन संख्या 52457- समय सुबह 3:45 बजे
  • शिवालिक एक्सप्रेस- ट्रेन संख्या 52451- समय सुबह 5:45 बजे
  • मेल एक्सप्रेस- ट्रेन संख्या 52453- समय सुबह 6:20 बजे
  • हिम दर्शन एक्सप्रेस- ट्रेन संख्या 52459- समय सुबह 7:00 बजे
  • हिमालयन क्वीन- ट्रेन संख्या 52455 समय 11:55 बजे
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