विधायक रामकुमार चौधरी की रिहाई के जश्न में सरेआम बीयर की बोतलों की बारिश होती नजर आई और जश्न के नजारे के बीच नियमों की धज्जियां उड़ती देखी गई। सरेरराह बीयर गटकते और जाम झलकाते समर्थकों को देखा जा सकता था।
कुछ जगह शराब की बोतलें पकड़कर नाच हुआ तो कहीं कही बीयर हाथों में पकड़े हुए विधायक का इस्तकबाल। देर रात करीब 11 बजे तक बद्दी की सड़कों पर ढोल नगाड़ों का शोरगुल रहा।
न इन्हें रोकने वाला कोई था और समर्थक रूकने वाले। रात करीब ग्यारह बजे विधायक का काफिला उनके घर संडोली पहुंचा। जहां पूरे जश्न के साथ विधायक का स्वागत हुआ।
गिफ्ट की गाड़ी में किया शक्ति प्रदर्शन
रिहाई से खुश राम कुमार की पत्नी ने आडी कार गिफ्ट दी। इसी सफेद गाड़ी की ओपन छत पर सवार होकर रामकुमार ने शक्ति प्रदर्शन किया। चर्चा है कि यह गाड़ी अभी तीन दिन पहले ही लांच हुई है। इसकी कीमत 70 लाख के करीब है।
बंद कर दिया शीशा
बैरियर के पास गाड़ी जाम के कारण गाड़ी बिल्कुल खड़ी हो गई। विधायक की पत्नी ने गाड़ी रोक दी। जैसे ही समर्थक विधायक को उतारने लगे। पत्नी ने मना किया और गाड़ी के भीतर बैठने को कहा। लेकिन समर्थक नहीं माने और चौधरी को नीचे उतारने के लिए कहने लगे।
एक झलक पाने को बेकरार रहे
भीड़ विधायक की एक झलक पाने को बेकरार दिखे। पुलिस को भीड़ काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पिंजौर-बद्दी- नालागढ़ स्वारघाट मार्ग जाम रहा। यातायात बुरी तरह से ठप दिखा। वहीं लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
टोल फ्री कर दी एंट्री
हरियाणा हिमाचल बार्डर पर बद्दी एंट्री में विधायक के बाइज्जत बरी होने की खुशी में वाहनों से कोई टोल नहीं वसूला गया। इस टोल का ठेका चौधरी परिवार ने ही ले रखा है। लिहाजा देर रात आने जाने वालों से किसी तरह का चार्ज नहीं वसूला।
असी राम जताना
विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विधायक के विजय जुलूस के लिए खास तौर पर तैयार लोकल गीत वीरवार को खूब बजे। जब बाइज्जत बरी होकर विधायक बद्दी पहुंचे। ढोली, भांगड़ा पार्टी, गायक कलाकारों ने खूब समा बांधा। असी राम जताना..आदि गीतों से उनके घर संडोली तक लंबी कतारें लगी थी।
बाबा के दर्शन कर गए घर चौधरी
चौधरी राम कुमार फैसला सुनने के बाद वापस अंबाला गए और देर शाम खुशी से चहकते समर्थकों के साथ बद्दी पहुंचे। उनके समर्थकों के अनुसार चौधरी राम कुमार ने पहले हरिपुर स्थित बाबा के दर्शन किए, उसके बाद अपने घर गए। चौधरी राम कुमार की पत्नी निधि चौधरी, पिता लज्जा राम, बड़े भाई चौधरी मदन लाल और भजन लाल सुनवाई के दौरान पंचकूला कोर्ट में ही थे।
उपचुनाव का खतरा भी टला
चौधरी को सजा होते ही उप चुनाव तय थे। विधायक रामकुमार चौधरी के बरी होने से दून विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय लड़ चुके कांग्रेस से बागी परमजीत सिंह पम्मी और भाजपा से बागी दर्शन सैणी बदले समीकरण के बाद घर बैठने को मजबूर हो गए हैं। एक साल नौ महीने तक न्यायिक हिरासत में रहे रामकुमार के बाहर आने से दून कांग्रेस में उनके विरोधियों के लिए पार्टी के दरवाजे बंद हो गए हैं।