पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के तीसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस सूर्यकांत को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पद पर नियुक्त करने का आदेश राष्ट्रपति ने जारी कर दिया है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बुधवार को उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जस्टिस सूर्यकांत को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 10 महीने पहले 10 जनवरी को कर दी थी।
अब राष्ट्रपति ने भी उनकी नियुक्ति पर अपनी मोहर लगा दी है। वे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर थे। चीफ जस्टिस के बाद जस्टिस एके मित्तल उनसे वरिष्ठ हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की जनवरी में हुई बैठक में जस्टिस एके मित्तल की बजाय जस्टिस सूर्यकांत को चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की गई थी।
हिसार में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत ने रोहतक की महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी से वर्ष 1984 में लॉ की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद अगले ही वर्ष से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। वर्ष 2000 में उन्हें हरियाणा के एडवोकेट जनरल के पद पर नियुक्त किया गया था और वह सबसे कम उम्र में हरियाणा का एजी बनने का रिकार्ड उनके नाम है। 2001 में उन्हें बतौर सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किया गया था। 9 जनवरी 2004 को उन्हें हाईकोर्ट का जज नियुक्त कर दिया गया था। उस समय वे महज 41 वर्ष के थे। 5 अक्तूबर को जस्टिस सूर्यकांत को हाईकोर्ट में फेयरवेल दी जाएगी।